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फिर हुई बारिश, खेत और खलिहान में बर्बाद हो रही फसल

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जौनपुर। पिछले छह दिनों के भीतर बुधवार की आधी रात को तीसरी बार बारिश हुई। मौसम की इस मार से किसान खेत और खलिहान में भीग रही गेहूं की फसल से नाउम्मीद हो रहे हैं। अरहर की फसल भी चौपट हो रही है। रात में तेज हवा के साथ आधे घंटे तक बारिश हुई।
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जिले में अभी तक महज बीस फीसदी ही गेहूं की फसल की मड़ाई हो सकी है। बाकी फसल या तो खेत में है या फिर खलिहान में पड़ी है। इधर एक सप्ताह से मौसम की मार के चलते गेहूं की कटाई, मड़ाई का काम ठप हो गया है। गेहूं का डांठ पुआल सरीखा हो गया है। खेत में जो फसल खड़ी है उसके लिए तो अभी गनीमत है। पर खलिहान में रखी गई फसल बार बार भीगने से अब काली पड़ रही है। बुधवार को दिन में आसमान में बादल छाए रहे। रात में करीब दो बजे तेज हवा के साथ आसमान में बादल छा गए थे। बारिश की आशंका से किसान पहले से ही परेशान थे। देखते ही देखते झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस बेमौसम बारिश से किसानों की भारी क्षति हो रही। खेतों में पककर तैयार गेहूं की फसल से किसान अब नाउम्मीद हो रहे हैं। खलिहान में रखी फसल में भी पानी लग गया। तीन दिन पहले की बारिश में भीगी फसल को किसान सूखाकर मड़ाई की तैयारी में थे तभी रात में फिर हुई बारिश से फसल भींग गई। मौसम की मार ने सारा काम ठप कर दिया। जिले में कुल 6 लाख 50 हजार किसान हैं। 2.26 लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है। प्रति हेक्टेयर 32 कुंतल गेहूं उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित है। अभी तक 20 फीसदी गेहूं की फसल की मड़ाई हो सकी है। बाकी फसल या तो खेत में ख़ड़ी है या फिर खलिहान में पड़ी है। बक्शा के निवासी किसान रामसामुझ यादव कहते हैं कि अगर मौसम अभी से साफ हो गया तो काटकर रखी गई फसल की मड़ाई कम से कम एक सप्ताह बाद हो सकती है।
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