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अश्ववंशीय पशुओं मे होने वाली बीमारी की दी जानकारी

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जौनपुर। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. वीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें अश्ववंशीय पशुओं मे होने वाली बीमारी ग्लैंडर्स एवं फार्सी के बारे में जानकारी दी गई । ब्रुक्स इंडिया से आये विशेषज्ञ डा. जैनुल आब्दी ने सभी पशु चिकित्सकों, फार्मासिस्टो एवं पशुधन प्रसार अधिकारियों को प्रशिक्षित किया।
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उन्होंने बताया गया कि ग्लैंडर्स एवं फार्सी एक जीवाणु जनित बीमारी है। बर्खोलडेरिया मैलियाई नामक जीवाणु से फैलती है, जिसका न तो इलाज है और टीका। यह बीमारी पशु से मनुष्यों में भी फैलती है। यह रोग घोड़ा, खच्चर व गदहों में होती है मगर कुत्ता, बिल्ली एवं बकरियों मे भी हो सकती है। बीमार पशु की त्वचा में फोडे़ नाक के अंदर फटे हुए छाले, नाक से पीला स्राव होने लगता है। तेज बुखार हो जाता है। इससे बचने के लिए बीमार पशु की तत्काल स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए। पशु को छूने या सम्पर्क मे आने के बाद हाथ एंटीसेप्टिक व साबुन से धोना चाहिए। इस बीमारी से मरे पशु का शव 6-8 फीट गहरे गड्ढे मे दफनाना चहिए।
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