जौनपुर। किसानों को वैज्ञानिक खेती सिखाई जाएगी ताकि उनकी आय बढ़ाई जा सके। इसके लिए कृषि विभाग की ओर से प्रत्येक बुधवार को गांवों में किसान चौपाल का आयोजन होगा। रविवार को सिरकोनी क्षेत्र के सलखापुर गांव के आयोजित चौपाल को डा. रमेश चंद्र ने कहा कि जनसंख्या बढ़ रही है और खेतों की जोत कम हो रही है। जलवायु परिवर्तन के दौर में खेती को लाभकारी सौदा बनाना एक बहुत बड़ी चुनौती बन गई हैं।
खेती में वैज्ञानिक प्रशिक्षणों के आभाव में अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के प्रयोग से जहां भोजन विषैला बन गया है। भोजन से स्वाद गायब हो गए है। वहीं मृदा की उर्वरता में भी निरंतर गिरावट आ रही है। उपज का वाजिब दाम नही मिलने और महगाई बढ़ने के कारण किसानों को खेती घाटे का सौदा साबित हो रही है। जिसके कारण किसानों की नई पीढ़ी खेती करने से मुंह मोड़ रही हैं जो भावी भविष्य के लिए शुभ नही है। उन्होंने कहा कि
सरकार ने किसानों की आय दो गुनी करने के लिए विभिन्न लाभकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं। किसान इसका लाभ कैसे ले इसके लिए उनके गाँवो में उनकी कृषि प्रणाली के आधार पर उनकी आवश्यता वाली तकनीकीयो से उन्हें प्रशिक्षित करना वर्तमान समय की एक अनिवार्य आवश्यकता बन गई हैं। इसी क्रम में कृषि विभाग प्रत्येक गाँव में किसान चौपाल का आयोजन कर रहा है जहां विभाग के अधिकारी/ कर्मचारी / वैज्ञानिक किसानों को मृदा परीक्षण कराने , उन्नत किस्म के बीज चयन करने , फसल चक्र अपनाने , सही समय पर तकनीकी विधि से फसलों की वुआई से लेकर कटाई - मड़ाई एवं भंडारण तक की और खाद्य प्रसंस्करण , विपड़न की विस्तार से जानकारी देंगे। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, आत्मा योजना, कृषि यंत्रीकरण योजना , पारदर्शी किसान सेवा योजना आदि के बारे मे विस्तार से जानकारी देंगे।