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डा. के हाते में खड़े- खड़े सड़ रहा रेडक्रास का शव वाहन

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जौनपुर। अस्पताल में किसी की मौत होने के बाद शव ले जाने के लिए कोई वाहन चालक तैयार नहीं होता है। इस परेशानी को देखते हुए दिसंबर 2016 में तत्कालीन जिलाधिकारी ने रेडक्रास से एक वाहन खरीद कर आईएमए को सौंपा था। मगर 14 महीने से इसका संचालन ही नहीं किया जा रहा है। वाहन एक चिकित्सक के अहाते में खड़ा बरबाद हो रहा है.
शव ढ़ोने के लिए कोई भी वाहन अमूमन तैयार नहीं होता है। दो- एक तैयार भी होते है तो मुंहमांगी रकम वसूल करते है। कई बार वाहन नहीं मिलने से अस्पतालों में शव पड़ा रहता है। इस समस्या देखते हुए तत्कालीन डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने रेडक्रास सोसायटी से दो शव वाहन क्रय कराया। एक वाहन की कीमत दस लाख रुपये थी। आईएमए को वाहन संचालन के लिए सौंप दिए गए थे। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए संविदा चालकों की तैनाती कर दी थी। मगर 14 महीने से शव वाहन की कोई बुकिंग नहीं हुई। किसी ने वाहन के लिए दिए गए नंबरों पर फोन किया तो पता चला कि वाहन एक चिकित्सक के अहाते में है और डीजल उपलब्ध नहीं हैं। डा. क्षितिज शर्मा का कहना है कि जिम्मेदार रेडक्रास ने दो माह बात चालक हटवा लिए। गाड़ी इधर- उधर कराने के चक्कर में हमारे पास से 25 हजार रूपये खर्च हो गए। कई बार रेडक्रास के सचिव एवं सीएमओ से कहा गया लेकिन उन्होंने कोई रुचि नहीं ली।
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शव वाहन आईएमए को रेडक्रास सोसायटी ने मुहैया कराया जरूर है लेकिन जो चालक सीएमओ ने दिया था वापस बुला लिया। ऐसे में वाहन को खड़ा करना पड़ा है। सीएमओ से गाड़ी वापस मंगाने को कहा गया है लेकिन कुछ नहीं हुआ।-डा. एके सिंह, अध्यक्ष आईएमए
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