लाइन बाजार क्षेत्र के रामनगर भड़सरा के पास 33 केवीए के दो तार टूट जाने के कारण शहर का तकरीबन आधा इलाका अंधेरे में रहा। तकरीबन 16 घंटे बाद बिजली आई तो लोगों ने राहत की सांस ली। बिजली नहीं रहने से बच्चे समय से स्कूल नहीं जा पाए और लोगों की दिनचर्या भी पानी के अभाव में प्रभावित हुई।
बुधवार की शाम तकरीबन 7 बजे रामनगर भड़सरा के पास 33 केवीए के दो तार टूट गए। महज यह संयोग ही था कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। घंटों की मशक्कत के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों को देर रात में पता लगा कि 33 केवीए के तार टूट गए हैं। कोहरे और अंधेरे की वजह से विभागीय अधिकारी, कमचारियों ने विद्युत सप्लाई कंट्रोल से कटवाकर चैन की सांस लिया। उधर नईगंज, तारापुर कालोनी, कटघरा, रूहट्टा, बदलापुर पड़ाव, मछलीशहर पड़ाव, उमरपुर, सहकारी कालोनी सहित कई मोहल्लों से बिजली गायब हो गई। गुरूवार की सुबह तार जोड़ने और नए तार लगाने का प्रयास शुरू हुआ तो पौने 11 बजे ठीक हो पाया। सुबह 11 बजे के बाद बिजली आई तो लोगों ने राहत की सांस लिया। शहर में हजारों की संख्या में लोग किराए पर रहते हैं। बिजली नहीं रहने से मोटर नहीं चल पाता जिससे लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस जाते हैं। तीन दिन के अंदर दूसरी बार ऐसा हुआ जिससे लोग बिलबिला गए।
इनसेट--
मंगलवार को भी 15 घंटे गायब थी बिजली
जौनपुर। ट्रांसफार्मर में आई खराबी की वजह से मंगलवार की रात 9 बजे बिजली चली गई। अधिकारियों को लोगों ने सूचना दी। इसके बावजूद भी ठंड का बहाना करके अधिकारियों ने ट्रांसफार्मर बदलने का प्रयास नहीं किया। जिसकी वजह से बुधवार को दोपहर 12 बजे 132 केवीए के ट्रांसफार्मर में आई खराबी को दूर किया गया। जिसके बाद बिजली आ सकी।
कोट--
रामनगर भड़सरा में 33 केवीए का बुधवार देर शाम तार टूटने की वजह से बिजली प्रभावित हुई। इसे गुरूवार को ठीक कर लिया गया। कोहरे की वजह से रात में फाल्ट का पता नहीं लग सका था।
संजय कुमार गुुप्ता
एसडीओ