जौनपुर। बदलापुर थाना क्षेत्र के सरोखनपुर गांव के निकट मंगलवार को ट्रक की चपेट में आकर साइकल सवार की मौत हो गई जबकि मछलीशहर और खुटहन और सुजानगंज में हुए सड़क हादसे में चार लोग घायल हो गए।
बदलापुर थाना क्षेत्र के नेवादा मुखलिसपुर गांव निवासी 45 वर्षीय फूलचंद बिंद साइकिल से बदलापुर की तरफ जा रहा था। वह सरोखनपुर निरीक्षण भवन के निकट पहुंचा था तभी पीछे से जौनपुर से बदलापुर की तरफ जा रहे तेज रप्तारट्रेलर की चपेट में आ गया। गंभीर रूप से घायल साइकल सवार को सीएचसी ले जाया गया जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मछलीशहर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के समाधगंज के पास सोमवार की रात सड़क के किनारे पहले से खड़ी ट्रक से टाटा मैजिक टकरा गई। टाटा मैजिक का चालक 50 वर्षीय अनिल कुमार निवासी ग्राम लालपुर, थाना पछैना, जिला हरदोई गम्भीर रूप से घायल हो गया। अगल बगल के लोगो ने घायल को एम्बुलेंस की सहायता से सीएचसी मछलीशहर में भर्ती कराया। जहां पर चिकित्सकों ने उसकी हालात नाजुक देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
खुटहन प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के सौरैया गांव के निकट ट्रक और बस की टक्कर में ट्रक चालक घायल हो गया। इलाहाबाद की तरफ से मोरंग बालू लादकर जा रहा ट्रक सौरैया गांव के निकट पहुंचा था तभी सामने से आ रही प्राइवेट बस से टक्कर हो गई। जिसमें बस चालक 45 वर्षीय राजनाथ सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर होते ही ट्रक पलट गया। बस में सवार सभी यात्री बाल बाल बच गए। घायल चालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
सुजानगंज प्रतिनिधि के अनुसार प्रतापगढ़ जिले के पृथ्वीगंज निवासी विकास (24) पुत्र डब्बू और मनोज (25) पुत्र अमरनाथ यादव मंगलवार की शाम करीब साढ़े चार बजे बाइक से मुंगराबादशाहपुर की तरफ से लौट रहे थे। दोनों सुजानगंज थाना क्षेत्र के चैनपुर नगौली गांव के निकट पहुंचे थे तभी बोलेरो की चपेट में आकर घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया जहां हालत नाजुक देख डाक्टर ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उधर बोलोरो ग्रामीणों ने रोक लिया और चालक समेत पुलिस को सौंप दिया।
नहीं मिली एंबुलेंस
नगौली गांव के पास सड़क हादसे में घायल दोनों युवकों को अस्पताल पहुंचाने के लिए आस पास के लोगों ने 108 एंबुलेंस की मदद के लिए फोन किया लेकिन काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंची तो ग्रामीणों ने निजी साधन से दोनों को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल से रेफर होने के बाद भी लोगों ने एंबुलेंस की मदद के लिए फोन किया पर काफी देर इंतजार करने के बाद भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। जबकि डाक्टर ने खुद एंबुलेंस के लिए फोन किया था। आखिरकार निजी साधन से लोगों ने दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया।