जौनपुर। तंबाकू का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। अगर स्वस्थ जीवन जीना है तो तंबाकू का त्याग करना होगा। ये बातें जिलाधिकारी सर्वज्ञ राम मिश्र ने राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत गुरुवार को पुलिस लाइन सभाकक्ष में आयोजित जागरूकता गोष्ठी और प्रशिक्षण में कहीं।
उन्होंने कहा कि जिले में दोहरा (तंबाकू, सुपाड़ी, कत्था-चूना युक्त पान मसाला) की बिक्री पर रोक लगा दी गई गई है। दोहरा 28 नमूनों की जांच कराई गई है जिसमें 17 की रिपोर्ट प्राप्त हो गई। इसमें अधिकतर नमूने फेल पाएं गए हैं। ऐसे विक्रेताओं के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि कहीं भी अवैध रूप से दोहरा बिक्री हो रही हो तो गुप्त रूप से सूचना उपलब्ध दें, कार्रवाई की जाएगी। अपील किया कि बेहतर व स्वस्थ जिंदगी जीने के लिए तंबाकू का इस्तेमाल न करें। पुलिस अधीक्षक केके चौधरी ने कहा कि पुलिस प्रशासन तंबाकू निषेध अभियान में हर संभव मदद करेगा। गोष्ठी में उपस्थित सभी थानाध्यक्ष निर्देशों का पालन करेंगे। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. ओपी सिंह ने कहा कि भारत सरकार ने सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 (कोटपा) नामक एक राष्ट्रीय तंबाकू अधिनियम बनाया है। इसमें मुख्य कार्य स्थान सहित सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना, तंबाकू उत्पादों के बारे में विज्ञापन देना, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना एवं खरीदना, शैक्षणिक संस्थानों की 100 गज की परिधि में तंबाकू उत्पाद बेचना, बिना सचित्र चेतावनी के तंबाकू उत्पाद बेचना कानूनन अपराध है। वाराणसी से आए डा. सौरभ वाराणसी ने चलचित्र के माध्यम से तंबाकू से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक नगर डा. अनिल पांडेय, राज कालेज के प्राचार्य विष्णुचंद्र त्रिपाठी, टीडी कालेज प्रधानाचार्य डा. विरेंद्र प्रताप सिंह, सीएमएस पुरुष चिकित्सालय डा. एसके पांडेय, डीपीएम डा. सत्यव्रत त्रिपाठी, जिला खाद्य औषधि अधिकारी एसपी यादव ने तंबाकू के बारे में विस्तार से विधिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी।