जौनपुर। बकाया भुगतान समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे साधन सहकारी समितियों के सचिव दूसरे दिन मंगलवार को भी हड़ताल पर रहे। इसके चलते साधन सहकारी समितियों पर ताला बंद होने के कारण किसानों को यूरिया, डीएपी नहीं मिल सकी और उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
साधन सहकारी समिति कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष कैलाश सिंह ने कहा कि कर्मचारियों का संपूर्ण बकाया वेतन प्राथमिकता के आधार पर भुगतान कराने की मांग को लेकर संगठन के प्रदेश नेतृत्व ने पहले ही आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। उनकी मांग में सचिव के रिक्त पदों पर समिति कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर नियुक्त करने, समिति कर्मचारियों में से कैडर सचिव के पद पर समायोजित सचिवों को वरिष्ठता के आधार पर वेतनमान देने, महंगाई को ध्यान में रखते हुए धान, गेहूं खरीद का कमीशन घटने का फैसला वापस लेने, ट्रांसपोर्ट का भुगतान करना शामिल है। बक्शा प्रतिनिधि के अनुसार मंगलवार को क्षेत्र की चवरी, करतिहा, चुरावनपुर, सुजियामऊ, बेलापार, चितौड़ी सहित दर्जन भर समितियों पर पहुंचे किसान खाद बीज के लिए दर-दर भटकते रहे। करतिहा समिति पर पहुंचे दरियावगंज निवासी किसान बांकेलाल यादव, राजमणि यादव, मोहम्मद मुस्तफा, रामकिशोर, रामानंद यादव ने बताया कि अब बुआई का समय है। ऐसे समय में समितियों से खाद न मिलने किसानों के सामने संकट पैदा हो गया है। चना, सरसों आलू आदि फसलों की बुवाई चल रही है। मजबूरी में किसान बाजार से अप्रमाणिक खाद महंगे दाम पर खरीदने को विवश हो रहे हैं।