फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टिकट फाइनल करने के लिए सपा बनाएगी पैनल

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। नगर निकाय चुनाव में टिकट को लेकर सपा में घमासान मचा है। दावेदारों की लंबी फेहरिस्त के चलते नाम तय करने के लिए पार्टी पैनल गठित करेगी। इसके लिए 18 अक्तूबर को जिला प्रभारी रामदुलार की मौजूदगी में पार्टी के जिला कार्यालय पर बैठक बुलाई गई है। इसमें पैनल गठन के साथ ही प्रत्याशी का चयन किया जाएगा। अगर पैनल में किसी एक नाम पर सहमति नहीं बनी तो अधिकतम तीन लोगों के नाम की सूची प्रदेश नेतृत्व को भेजी जाएगी। सपा कार्यालय पर टिकट के दावेदारों की न सिर्फ भीड़ लग रही है बल्कि टिकट के लिए लोगों ने पैरवी भी तेज कर दी है। दावेदारी करने वाले जिले के नेताओं के अलावा प्रदेश के नेताओं से भी टिकट के लिए संपर्क साध रहे हैं।
विज्ञापन

सपा के जिला कार्यालय पर 18 अक्तूबर को होने वाली बैठक में जिले के सभी विधायक, पूर्व विधायक , विधानसभा के अध्यक्ष, महासचिव समेत वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस बैठक में पैनल गठित होगा जो दावेदार का नाम तय करेगा। जौनपुर नगर पालिका अध्यक्ष के दावेदारों की फेहरिस्त लंबी है जो सपा से टिकट चाहते हैं। जौनपुर नगरपालिका अध्यक्ष की सीट इस साल महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में नेता घर की महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारने के लिए तैयार हैं।
सपा के वरिष्ठ नेता शकील अहमद अपनी पत्नी अजमत जबी को चुनाव लड़ाना चाहते हैं। इनके अलावा सपा नेता पूनम मौर्य खुद टिकट मांग रही हैं। श्रवण कुमार जायसवाल, पप्पू रघुवंशी, रुखसार अहमद अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे हैं। इसी तरह शाहगंज नगरपालिका से पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे हैं। खेतासराय से पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष वसीम अहमद, जफराबाद नगरपंचायत से रामबसावन अग्रहरि, डा. सर्फराज, मडिय़ाहूं से फिरोज अहमद अंसारी, पूर्व चेयरमैन कमला साहू, सर्फराज अहमद, सिकंदर, डा. फौजदार यादव, केराकत से डा. शबनम नाज, मीना साहू, पूर्व चेयरमैन सरिता गुप्ता टिकट मांग रही हैं। मछलीशहर की सीट पिछड़ी जाति महिला के लिए सुरक्षित है। यहां से सर्वर राईन और बब्लू राईन अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे हैं। सपा के जिला महासचिव श्यामबहादुर पाल के मुताबिक दावेदारों के आवेदन आ चुके हैं। कोशिश रहेगी कि पैनल में ही प्रत्याशी का नाम तय कर लिया जाए। अगर समस्या हुई तो तीन नामों की सूची प्रदेश नेतृत्व को भेजी जाएगी। इनमें से किसी एक का चयन प्रदेश नेतृत्व करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें