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ांच के नाम पर शिक्षकों का हो रहा उत्पीडन

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जौनपुर। प्राथमिक शिक्षक संघ ने आरोप लगाया है कि विद्यालयों में जांच के नाम पर शिक्षकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। संगठन के जिलाध्यक्ष अरविंद शुक्ल के नेतृत्व में संघ के प्रतिनिधि मंडल ने रविवार को जिले की प्रभारी मंत्री डा. रीता बहुगुणा जोशी, नगर विकास राज्य मंत्री गिरीश यादव और विधायकों को पत्रक सौंपा।
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मंत्री और विधायकों को सौंपे गए पत्रक में कहा गया है कि विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान आकस्मिक अवकाश की अनदेखी कर अधिकारी अनुपस्थित मानकर उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। वर्ष में 14 आकस्मिक अवकाश शिक्षकों का अधिकार है। ऐसे में उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है। ऐसे में प्रधानाध्यापक की आख्या के बाद ही आकस्मिक अवकाश संबंध में निर्णय लेना न्याय संगत होगा। शिक्षक संघ की ओर से कहा गया है कि परिषदीय विद्यालयों में शासन की मंशा का हवाला देकर बिना प्रत्येक कक्षा, विषयों के लिए शिक्षक उपलब्ध कराए, बिना सभी विषयों की पुस्तक उपलब्ध कराए, शिक्षकों को बिना शैक्षिक समर्थन दिए और बिना कारण बताओ नोटिस दिए ही शिक्षकों का वेतन रोकने और उनके खिलाफ निलंबन तक की कार्रवाई की जा रही है। शिक्षक संघ ने मांग की है कि परिषदीय विद्यालयों में भी बच्चों को बैठने के लिए डेस्क बेंच उपलब्ध कराई जाए, सफाई के लिए कर्मचारी तैनात किए जाएं, बच्चों को बैग के साथ कापी, पेन भी उपलब्ध कराई जाए। शिक्षकों की सेवा शर्तों से जुड़ी सभी पत्रावलियों का निस्तारण एक सप्ताह के अंदर सुनिश्चित कराई जाए। प्रतिनिधि मंडल में रविचंद्र यादव, लक्ष्मीकांत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष लालसाहब यादव, शिवेंद्र सिंह रानू, पद्माकर राय, वीरेंद्र सिंह, साजेश सिंह आदि मौजूद थे।
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