पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर में कार्यशाला में उपस्थित वैज्ञानिक व प्रोफेसर
जौनपुर। भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. कृष्ण लाल ने कहा कि बेसिक साइंस से विज्ञान का आधार मजबूत होगा। विश्वविद्यालय ऐसा रोड मैप तैयार करें, जिससे यहां से बाहर निकलने वाले छात्र देश ही नहीं विश्व के निर्माण से जुड़ सकें। गुणवत्तायुक्त शिक्षा के लिए ठोस कदम उठाना समय की मांग है। 2011 की जनगणना में साक्षरता दर पर चिंता जताते हुए कहा कि अभी भी 30 करोड़ भारतीय शिक्षा से दूर है। आज भी हम चाइना, म्यांमार और श्रीलंका से पीछे हैं।
शुक्रवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संगोष्ठी भवन में ग्रोथ ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इन द यूनिवर्सिटी कैंपस विषयक तीन दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. कृष्ण लाल ने कहा कि कॉलेजों में प्रयोग के नाम धोखेबाजी हो रही है। बेस को मजबूत करने की जरूरत है। साइंस में प्रमोशन के लिए कट एण्ड पेस्ट कर पेपर प्रकाशित किए जा रहे हैं। विज्ञान भारती दिल्ली के महासचिव डॉ. ए जय कुमार ने कहा कि समाज निर्माण में विश्वविद्यालयों की बड़ी भूमिका है। भारत में पहली बार राजनीतिक चिंतक व विद्वान मिलकर मेक इन इंडिया के लिए काम कर रहे हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भौतिकी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. बीके अग्रवाल ने कहा कि नवोन्मेष तभी होंगे जब गहन अध्ययन होगा। कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय में बेसिक साइंस होना आवश्यक है। इस दौरान विश्वविद्यालय में पोस्ट डॉक्टोरल फ़ेलोशिप प्रारम्भ की गई है। कार्यशाला के अध्यक्ष प्रो बीबी तिवारी ने स्वागत किया। डॉ. राजकुमार सोनी ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। संचालन डॉ. संतोष कुमार ने किया। इसके अलावा प्रो. वीके अग्रवाल ने ग्रेफीन के महत्व को बताया। दिल्ली के प्रो. नीरज खरे ने बेसिक साइंस के संचालन की बात की। इस अवसर पर लखनऊ विवि के पूर्व कुलपति प्रो. आरपी सिंह, पूर्व कुलपति प्रो. कीर्ति सिंह व अन्य अतिथियों को कुलपति ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इसमें विषय विशेषज्ञ निदेशक निस्केयर सीएसआईआर डा. मनोज कुमार पटैरिया, प्रो. सुनीता मिश्रा, डॉ गिरिधर मिश्रा एवं डॉ प्रमोद यादव आदि ने प्रतिभाग किया।