घनश्यामपुर। विधायक निधि का दुरुपयोग का मामला पकड़ में आने पर परियोजना निदेशक ने छह विद्यालयों को नोटिस जारी किया है। आरोप है कि इन विद्यालयों को निर्माण के लिए धन तो दिया गया लेकिन निर्माण के नाम पर महज खानापूर्ति की गई।
पूर्व विधायक ओमप्रकाश दुबे बाबा के प्रस्ताव पर श्रीमती प्रभा त्रिपाठी शिक्षण संस्थान रजनीपुर को कक्ष निर्माण के लिए दस लाख रुपये स्वीकृति हुआ था। परियोजना निदेशक ने पहली किस्त का छह लाख रुपये देते हुए निर्देश दिया था कि कार्य करा कर चार माह के अंदर विवरण, उपभोग प्रमाणपत्र, संबंधित अभिलेख, खर्च बाउचर और एमबी की प्रमाणित प्रति के साथ द्वितीय किश्त का मांग पत्र जिला ग्राम्य विकास अभिकरण कार्यालय में प्रस्तुत किया जाए। इसके बाद भी संस्था के प्रबंधक या प्रधानाचार्य की ओर से द्वितीय किस्त का मांग पत्र नहीं दिया गया। परियोजना निदेशक ने आशंका जताई है कि प्रथम किस्त की धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने संस्थान को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए चेताया है कि एक सप्ताह के अंदर स्थिति स्पष्ट करें। नोटिस में यह भी कहा है कि प्रथम किस्त की धनराशि से नियमानुसार कार्य न कराने का दोषी मानते हुए क्यों न वसूली की कार्यवाही की जाए। इसी प्रकार नकहराखानदेव में स्थित मदरसा इस्लामिया में कक्ष निर्माण के लिए पूर्व विधायक ने दस लाख रुपये की स्वीकृत किया था। इस मदरसे को भी प्रथम किश्त छह लाख रुपये दिए गए। राजा हरपाल सिंह इंटर कालेज सिंगरामऊ में कक्ष निर्माण के लिए पांच लाख रुपये के सापेक्ष पहले किस्त में तीन लाख रुपये, श्रीमती ज्ञान देवी बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय मिश्रौली में कक्ष निर्माण के लिए स्वीकृत नौ लाख अड़तालीस हजार के सापेक्ष दिए पांच लाख अड़सठ हजार रुपये का लेखाजोखा नहीं दिया गया। इसके अलावा सहदेव मौर्य उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरकिना में कक्ष निर्माण के लिए नौ लाख तिरानबे हजार के सापेक्ष अवमुक्त पांच लाख छानबे हजार, पूर्व विधान परिषद सदस्य प्रभावती पाल के प्रस्ताव पर पं. भगौतीदीन तिवारी इंटर कालेज कुशहा में कक्ष निर्माण के लिए स्वीकृति दो लाख पचीस हजार रुपये के सापेक्ष अवमुक्त पहली किस्त 35 हजार रुपये कोई लेखा जोखा जिला ग्राम्य विकास अभिकरण कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया। इसको गंभीरता से लेते हुए परियोजना निदेशक ने इन विद्यालय के प्रबंधक व प्रधानाचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।