मीरगंज। सिंचाई विभाग की ओर से पांच वर्षों से हवेली माइनर की सिल्ट की सफाई नहीं कराने के कारण टेल तक पानी नहीं पहुंचने से धान की फसल सूखने लगी है। यह देख किसानों ने खुद नहर की सफाई शुरू कर दी है। दो दिन के अंदर किसानों ने डेढ़ किलोमीटर नहर की सफाई कर दी है। यह काम अभी जारी है।
शारदा सहायक खंड 39 नरायनपुर रजवाहा के कसेरवा रजवाहे से निकली है। हवेली माइनर में पांच वर्षों से सफाई नहीं की गई थी जिससे किसानों को सिंचाई करने मे दिक्कत हो रही है। माइनर का पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इस बार बरसात कम होने से किसानों की धान की फसल सूख रही है। फसल सूखता देख अलापुर हवेली गांव के सैकड़ों किसान खुद तीन दिन से माइनर की सफाई करने में जुटे हैं। 3.2 किमी लंबी नहर को डेढ़ किमी तक किसानों साफ कर डाला है। अभी सफाई का काम चल रहा है। किसानों का आरोप है की पांच साल से नहर की सफाई नहीं की गई जिससे पानी टेल तक नहीं पहुंचता है। इससे चौकीकला, हवेली, भटहर व याकुबपुर के किसानों की एक हजार एकड़ धान की फसल की सूखने के कगार पर है। फसल सूखता देख किसानों ने खुद सफाई करने का निर्णय लिया। नहर की सफाई करने वालों में गुलाब बिंद, रामचरन, विजय बहादुर, फुलगेन, मेवालाल, सालिक राम, हरगेन, शीतला, राधेश्याम, हरिश्चनद्र, पारस नाथ, अनिल कुमार, दिनेश कुमार, दिनेश कुमार, सज्जन, मिठाई लाल, रामसागर, भोला, जनार्दन, राजेश, अखिलेश लाल, छोटू, वृजभान ,अर्जुन, रामरति, रामप्यारे, लालजी, लल्लन, मातासरन, बिनय, विकास, धर्मराज अमरनाथ शामिल हैं। सहायक अभियंता सिंचाई खंड 39 अनिल पटेल ने बताया कि जिस नहर में पचास क्यूसेक से कम पानी छोड़ा जाता है उसकी सफाई मजदूरों से कराई जाती है। मनरेगा मजदूरों से दस दिन में माइनर की सफाई करा दी जाएगी।