जौनपुर। सहायक अध्यापक पद पर समायोजन बहाल करने की मांग लेकर शिक्षामित्रों ने गुरुवार को फिर आंदोलन शुरू कर दिया। शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर बड़ी संख्या में शिक्षामित्र बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर पहुंचे जहां झाड़ू लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और धरना दिया। कई शिक्षामित्र भगवा वस्त्र धारण कर हाथ में तिरंगा लिए पहुंचे थे। शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा को सौंपा।
आंदोलन के लिए पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक सुबह दस बजे से ही शिक्षामित्रों की भीड़ बीएसए कार्यालय पर जुटने लगी थी। दोपहर करीब एक बजे तक पूरा परिसर भर गया। संयुक्त समायोजित शिक्षक शिक्षामित्र संघर्ष समिति के बैनर तले यहां जुटे शिक्षामित्रों ने सरकार के विरोध में नारे लगाए। चेतावनी दी कि हक के लिए वे अंतिम सांस तक लड़ते रहेंगे। शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष संदीप यादव की अगुवाई में जुटे शिक्षामित्रों ने कहा कि सरकार उनके साथ नाइंसाफी कर रही है। धरना सभा में संदीप यादव ने कहा कि सरकार को सुप्रीमकोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करनी चाहिए। सरकार उनके मामले में रुचि नहीं ले रही हैै। एक लाख 72 हजार शिक्षामित्रों का भविष्य अंधकार में है। कहा कि शिक्षामित्र तीन दिनों तक शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर बीएसए कार्यालय पर धरना देंगे। शुक्रवार को भगवा वस्त्र में बांह पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है। 21 अगस्त को जिले से बड़ी तादात में शिक्षामित्र लखनऊ रवाना होंगे। आंदोलन में दिलीप सिंह, राजेश यादव, गौरीशंकर, सुनील प्रजापति, नन्हेलाल यादव, दुर्गेश सिंह, आशीष श्रीवास्तव, अमृतलाल आदि मौजूद रहे।