जौनपुर। केराकत थाना क्षेत्र के बेलाव घाट पर हुए दोहरे हत्याकांड का प्रमुख गवाह शमशेर अपने बयान से बुधवार को पलट गया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एम पी सिंह की अदालत में उसने आरोपियों को पहचानने से इंकार कर दिया। इस हत्याकांड में पूर्व सांसद धनंजय सिंह, आशुतोष सिंह सहित पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है।
एक अप्रैल 2012 को सुबह केराकत थाना क्षेत्र के बेलाव घाट पर ठेके के विवाद में गोली मारकर संजय निषाद व नंदू निषाद की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के सभी चार गवाह अब तक अपने बयान से मुकर चुके हैं। यहां तक कि मृतक संजय निषाद की पत्नी भी अपने बयान से मुकर गई है। चौथे और अहम गवाह शमशेर ने सीबीसीआईडी के विवेचक के समक्ष बयान दर्ज करवाया था कि घटना के समय वह मौके पर पहुँचा तो विनीत, पुनीत एवं सुनीत को वहां से भागते हुए देखा था। किन्तु बुधवार को न्यायालय में अपनी गवाही में उसने कहा कि मैं जब घटना स्थल पर पहुँचा तो वहाँ कोई नहीं था। इस हत्याकांड के अहम् आरोपी पूर्व सांसद धनंजय सिंह एवं आशुतोष सिंह के बारे में उसने बताया कि वह उन लोगों को नहीं पहचानता है।