सतहरिया। संत देवदास ने कहा जहां पर ज्ञान की गंगा बहती है वह स्थान पवित्र हो जाता है। जहां से सारा अंधकार दूर हो जाता है। ज्ञान ही अंधकार के दरवाजे को खोलने मे सहज मार्ग होता है। ज्ञान और दान से बढ़कर दुनियां में कोई दान नहीं होता है। वह मुंगराबादशाहपुर के रामसुन्दर पटेल नगर मुंगरडीह स्थित नवनिर्मित सद्गुरू स्वामी कबीर साहब आश्रम के उद्वधाटन अवसर बोल रहे थे।
संत सतबोधदास ने कहा गुरू कबीर साहब के सन्देश से ही समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर किया जा सकता है। 84 हजार योनियों में भटकने के बाद बहुत ही भाग्य से मनाव तन मिलता है। इसका सदुपयोग न करने वाला मूर्ख होता है। उन्होंने कहा निराकर ब्रहम जो जीव के रूप में शरीर में विधमान है। उसे पहिचानने वाला ज्ञानी पुरूष माना जाता है। पता नहीं कब शरीर रूपी पिजडे से जीव निकल जाए। संतो ने कहा नागेन्द्र बहादुर पटेल ने आश्रम खोलकर नेक काम किया है। वह बहुत ही परोकारी व सराहनीय कार्य है।
आयोजक नागेन्द्र बहादूर पटेल ने सपरिवार संतो को पुष्प भेंट कर उनसे आर्शीवाद लिया। इस मौके पर संत सम्पतदास, जगदीश दास, धनीदास, सतदेवदास, निर्भयदास, व मनमोहनदास संतो के अलावा प्रदीप श्रीवास्तव, राजमंगल पटेल, बेचनलाल जायसवाल, विजय पटेल, राम कुमार पटेल, अमर बहादुर, मुरधीधर, मुन्ना शुक्ला, बंशीलाल आदि मौजूद रहे। आश्रम पर महाप्रसाद के रूप से भव्य भंडारा का आयोजन किया गया।