जौनपुर। नगर पालिका की शनिवार को हुई पहली हंगामेेदार बैठक में सड़क, नाला, कूड़ा निस्तारण आदि के मुद्दे पर कोई ठोस प्रस्ताव तो नहीं पास हुआ अलबत्ता अवस्थापना निधि और 14वें वित्त के बचत के 13 करोड़ रुपयों से विकास कार्य कराने का फैसला लिया गया। हालांकि बैठक में उन कार्यों की रूपरेखा नहीं तय हो पाई, जिन पर यह रकम खर्च की जाएगी।
नगर के तकरीबन पांच लाख लोगों की निगाह नगर पालिका परिषद की पहली बैठक पर टिकी थी। लोगों को उम्मीद थी कि सफाई व्यवस्था में सुधार, सीवर, सड़क और नाला निर्माण, कचरा प्रबंधन प्लांट और गृह कर की मनमाना वसूली पर कोई ठोस फैसला होगा।
मगर बोर्ड की पहली बैठक में इन मुद्दों पर कोई चर्चा ही नहीं हुई। अलबत्ता 14वां वित्त बचत के 11 करोड़ 66 लाख और अवस्थापना निधि के एक करोड़ 25 लाख रुपये से विकास कार्य कराने का निर्णय लिया गया लेकिन इस रकम को किस मद में खर्च किया जाएगा, इसकी रूपरेखा नहीं पेश की गई।
टाउन हाल स्थित चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति के पीछे नगर पालिका का हॉल बनाने के लिए राज्यवित्त आयोग से स्वीकृत लेकर इस्टीमेट बनवाने को कहा गया। काली सूची में आने वाली फर्मों के अधूरे कार्यों को पूरा कराने, समितियों के गठन, लावारिश शवों के अंतिम संस्कार के लिए 30 हजार की आर्थिक सहायता देने पर सदन ने मुहर लगा दी।
इससे पहले अधिशासी अधिकारी कृष्णचंद्र ने 39 वार्डों में 280 स्थानों पर अलाव जलवाने का दावा किया तो सभासद हो-हल्ला मचाने लगे। उनका कहना था कि अलाव कहीं जल ही नहीं है और लोग ठंड से ठिठुरने को मजबूर हैं।
सभासदों ने आरोप लगाया कि अधिकारी अपने चहेते ठेकेदार से काम ले रहे हैं और मनमानी की जा रही है। निर्णय लिया गया कि अलाव की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। ठेकेदार लकड़ी गिराते समय भी वीडियो बनवाएंगे।
कहीं कम लकड़ी गिराई जा रही होगी तो ठेकेदार का भुगतान नहीं होगा। अध्यक्षता अध्यक्ष माया टंडन ने की। पर्यवेक्षक एसडीएम प्रियंका प्रियदर्शिनी एवं पदेन सदस्य एमएलसी बृृजेश सिंह प्रिंशू मौजूद रहे। अध्यक्ष और सभासदों का परिचय सदन को दिया गया।