मीरपुर गांव में सोमवार को सारस्वत साधना एवं हीरक जयन्ती समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मीरपुर गांव निवासी डा. गिरजाशंकर तिवारी द्वारा स्वरचित पुस्तक अमृत कलश , कर्मयोग , भारतीय आध्यात्मिकता एव योग साधना के आयाम और जीवन यात्रा नामक साहित्य पुस्तकों का विमोचन किया गया। साथ ही विद्वानों का सम्मान किया गया। 200 प्रतिभागियों को कृतियां वितरित की गई।
पूर्व निदेशक डा. गिरजाशंकर ने कहा कि पुस्तकें समाज का दर्पण ही नहीं होती, बल्कि समाज को प्रभावित भी करती हैं।साहित्य की दृष्टि सभी के पास नहीं होती। यह ईश्वरीय देन होता है। उन्होंने कहा कोई विषय जब पुस्तकों में दर्ज हो जाता है तो वह पीढ़ी दर पीढ़ी पढ़ा जाता है। साहित्यकार अपने लेखन से पूरे समाज को एक नई दिशा देने का काम करता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. शिव कुमार मिश्र प्राचार्य स्टेट आयुर्वेदिक कालेज लखनऊ विश्वविद्यालय ने की। इस मौके पर डा. संतोष सिंह , डा.अरुण सिंह , चक्रपाणि पांडेय ,डा.कृष्णकांत , कलेट्टर मिश्रा, प्रोफेसर अशोक कुमार मिश्र भूतपूर्व प्राचार्य राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्ञानपुर ने किया। इस अवसर पर पद्म श्री डा. कपिल देव द्विवेदी के सुपुत्र प्रोफेसर भारतेंदु तथा प्रोफेसर के एस उपाध्याय सहित अनेक विद्वानों तथा नागरिक उपस्थित रहे।