गोमती, सई या पीली नदी में बाढ़ आने की अभी कोई संभावना भले ही न हो पर प्रशासन बाढ़ से निपटने की तैयारी मुकम्मल कर ली है। बदलापुर तहसील में बाढ़ से निपटने के लिए क्षेत्र में कुल 12 राहत चौकियां स्थापित कर दी गई हैं। लोगों की मदद के लिए ट्रक, ट्रैक्टर, नाव और नाविक आदि की भी व्यवस्था किए जाने का दावा तहसील प्रशासन ने किया है।
बाढ़ से तहसील के करीब 43 गांव पानी में डूब जाते हैं। लोगो को फौरी तौर पर राहत और बचाव कार्य के लिए ऊंचाई वाले गांवों के विद्यालयों को राहत चौकी बनाने के लिए चिह्नित कर लिया गया है। इसके अलावा, नाव, नाविक और गोताखोंरों के मोबाइल नंबर आदि अपडेट कर लिए गए हैं। ट्रक, ट्रैक्टर आदि की भी व्यवस्था पूरी किए जाने का दावा किया गया है। एसडीएम ममता मालवीय ने बताया कि प्राथमिक बिद्यालय फिरोजपुर में बनायी गयी चौकी पर एक नाव एक ट्रक और एक टैक्टर की व्यवस्था की गई है।
प्राथमिक विद्यालय जमऊपट्टी में पांच नाव, एक ट्रक , एक टैक्टर, हाईस्कूल जोखापुर में दो नाव, एक टैक्टर, जूनियर हाईस्कूल अर्जुनपुर में चार नाव, एक टैक्टर, प्राथमिक पाठशाला गजेन्द्रपुर में एक नाव एक टैक्टर, प्राथमिक पाठशाला रामनगर में एक नाव दो टैक्टर, प्राथमिक पाठशाला घनश्यामपुर में आठ नाव एक ट्रक दो टैक्टर, तथा पीली नदी से प्रभावित सात गॉव की सुरक्षा के लिए लेदुका बाजार में बनायी गयी चौकी पर पॉच नाव एक ट्रक , दो टैक्टर लगाया गया है । सई नदी से प्रभावित सत्ताइस गॉवों की सुरक्षा के लिए बनायी गयी। इन चौकियों पर राशन, दवा, पानी और प्रकाश आदि की भी व्यवस्था रहेगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डा. एससी वर्मा ने बताया कि डा. संजय दुबे और डा. मो. रफीक के नेतृत्व में दो चिकित्सा टीमों का गठन कर दिया गया है।