कालपी (जालौन)। कालपी कोतवाली क्षेत्र के छौंक गांव निवासी बीस वर्षीय युवक की पीजीआई में उपचार के दौरान सोमवार को मौत हो गई। युवक की मौत से क्षेत्र में कोरोना संक्रमण अफवाह फैल गई। उधर, कदौरा सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. अशोक कुमार चक ने बताया कि युवक को संक्रमण की कोई शिकायत नहीं थी, उसकी किडनी खराब थी। युवक का पीजीआई में इलाज चल रहा था।
उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल को युवक पीजीआई से इलाज कराने के बाद लौटा था। रविवार की देर रात फिर हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर उरई राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां से उसे पीजीआई लखनऊ रेफर किया गया। वहीं, मेडिकल कालेज प्रबंधन का भी कहना है कि युवक किडनी की बीमारी से पीड़ित था, हालत काफी गंभीर देखकर उसे पीजीआई जाने की ही सलाह दी गई थी। परिजनों ने पीजीआई इलाज के पर्चे भी दिखाए थे। उधर, परिजनों के मुताबिक, युवक राजस्थान के भीलवाड़ा में एक धागा फैक्टरी में काम करता था और 25 फरवरी को किडनी की बीमारी के चलते लौट आया था।
बताया कि तब से उसका पीजीआई लखनऊ में ही इलाज चल रहा था। सोमवार को उरई मेडिकल कालेज से जैसे ही लेकर पीजीआई लेकर पहुंचे तो वहां के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस बाबत एसडीएम कालपी कौशल कुमार का कहना है कि एहतियातन पीजीआई में मृतक के सैंपल लिए गए हैं, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही उसका शव कालपी आ सकेगा। इसके बाद ही किडनी की बीमारी या किसी प्रकार के संक्रमण के बारे में कुछ कहा जा सकता है।