कालपी में यमुना नदी का बढ़ा जलस्तर
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कालपी। यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। पिछले चौबीस घंटे में यमुना लगभग ढाई मीटर बढ़ गई है। जिससे कालपी में यमुना के घाटों की सीढ़ियां डूब गई हैं। अगर इसी प्रकार यमुना बढ़ती है तो अगले एक या दो दिन में कई संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं। उधर यमुना पट्टी के गांवों में भी नदी में तेजी से पानी बढ़ने से दहशत है। केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी बांध से यमुना में पानी नहीं छोड़ा गया। मध्यप्रदेश व अन्य राज्यों में हो रही बारिश से चंबल नदी में पानी बढ़ा है, जिससे यमुना का जल स्तर बढ़ रहा है।
बता दें कि पिछले एक सप्ताह से बेहद धीमी गति से बढ़ रही यमुना नदी पिछले कुछ घंटो से बेहद तेजी से बढ़ने लगी है। पिछले चौबीस घंटे में यमुना का जलस्तर लगभग ढाई मीटर बढ़ गया है, जिससे यमुना के घाटों की सीढ़ियां डूब गई हैं। लोगों के अंदेशा जताया है कि अगर अगले चौबीस घंटों में भी यही हाल रहा तो कई संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं। यमुना पट्टी के किनारे बसे गांव पाल, सरेनी, गुढा खास, देवकली, शेखपुर गुढ़ा, हीरापुर, रायड, मदरालाल पुर सहित दर्जनों गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है व लोगों में दहशत बढ़ गई है। गांवों में लोगों ने बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए राशन पानी एकत्रित करना शुरू कर दिया है। लोग ऊंचाई के स्थान पर भी पहुंचने लगे हैं। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी हीरालाल ने बताया कि विभागीय अफसर यमुना की स्थिति पर नजर रखे हैं। एसडीएम जयेंद्र कुमार ने जिम्मेदारों को हर घंटे यमुना का जलस्तर मापने के निर्देश दिए हैं।
यमुना का जलस्तर एक नजर में
सोमवार शाम 5 बजे 98.45 मीटर
मंगलवार शाम 5 बजे-100.95 मीटर
खतरे का निशान. 108 मीटर