मुंबई से आए ब्रिज विशेषज्ञों की टीम ने शुक्रवार को जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ यमुना नदी के पुराने क्षतिग्रस्त पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। जल्द ही कार्य शुरू कराने की रणनीति तैयार की। कहा, अगर सब कुछ ठीक रहा तो एक नवंबर से पुल पर आवागमन शुरू हो जाएगा। मालूम हो कि लगातार ओवरलोड गाड़ियों के आवागमन के कारण 19 जून
को यमुना नदी के पुल का एक बड़ा हिस्सा टूट गया था। पुल को आवागमन के लिए रोक दिया गया था। इससे नए पुल पर आवागमन बढ़ने से जाम लगने लगा है। फ्रेसी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के विशेषज्ञ युनुस खान, प्राधिकरण के परियोजना निदेशक नवीन मिश्रा, टेक्नीकल मैनेजर आरके वर्मा, महेश कुमार, जनसंपर्क अधिकारी डीएन तिवारी, केेके पचौरी,
टीजी प्रभाकर, एमजी शुक्ला, डीपी सिंह के साथ एडीएम आनंद कुमार, एसडीएम जलराजन चौधरी ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे पहुंचकर क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण किया। ब्रिज विशेषज्ञ युनुस खान केे अनुसार ओवरलोड गाड़ियोें के पुल से निकलने की वजह से बाल बेयरिंग के साथ लोड डायवर्ट होकर क्रंकीट में पहुंच गए। पीआरओ की मानें तो पुल बाल बेयरिंग
निकालकर क्षतिग्रस्त हिस्से को काटकर तोड़ा जाएगा और बडे़ बडे़ जैकों के माध्यम से रोलर से पीछे खींचा जाएगा। इसेे लेकर मरम्मत का काम पूरा होने के बाद सेट करने के लिए 28 दिनों का अधिक समय लगेगा। उन्होंने बताया कि मरम्मत के बाद नवंबर से पुल फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
डीएम ने कहा- जल्द शुरू करें काम
ब्रिज विशेषज्ञ व प्राधिकरण के अफसरों की मीटिंग में डीएम संदीप कौर ने कहा कि यमुना के क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का काम शीघ्र श्ुारू करा दिया जाए। जनसंपर्क अधिकारी डीएन मिश्रा ने बताया कि अक्तूबर तक हर हाल में काम पूरा हो जाएगा और पुल चलने योग्य बन जाएगा। डीएम ने कहा कि इसमेें अच्छी क्वालिटी का केमिकल व सामग्री का प्रयोग किया जाए।