जनपद में गुरुवार को खुशियों का त्योहार ईद हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। शहर समेत सभी तहसीलों की मस्जिदों पर मौलानाओं ने निर्धारित समय पर नमाज अदा कराई। इस दौरान वतन में अमन और चैन की दुआ अल्लाह से मांगी गई। एक साथ हजारों की संख्या में नमाजियों ने अपने हाथ वतन की सलामती के लिए उठाए। सुबह से ही ईदगाहों व मस्जिदों पर अकीदतमंदों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। नमाज संपन्न होने के बाद अकीदतमंदों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाई दी।
बच्चों ने भी अपने साथियों को गले लगाकर भाईचारे का संदेश देने के साथ साथ ईद की खुशियां बांटी। इधर, प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधयाें ने भी मस्जिदों के बाहर पहुंचकर नमाजियों को ईद की गले मिलकर बधाई दी और देश में इसी तरह भाईचारा कायम रखने की दुआ की।
इस दौरान शहर की सभी मस्जिदों पर साफ सफाई से लेकर पेयजल, छाया आदि के बेहतर इंतजाम रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस फोर्स तैनात रहा और पुलिस अधिकारी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पल-पल की जानकारियां लेते रहे।
रमजान के तीस दिन पूरे होने के बाद जब बुधवार की देर रात चांद दिखा तो लोगों में खुशियां छा गईं। मुस्लिम इलाकों के साथ-साथ बाजारों में भी खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। बजरिया में देर रात तक खरीदारों की इस कदर भीड़ रही कि लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। मुस्लिम इलाके में सजीं सभी दुकानों में लोगों की भीड़ नजर आई।
हर कोई कुछ ना कुछ खरीदता नजर आया। खरीदारी के बाद घर पहुंचकर उन्होंने ईद की तैयांरियां पूर्ण कीं। जिसके चलते गुरुवार को विभिन्न मस्जिदों में सुबह से ही अकीदतमंदों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। बच्चों, बुजुर्ग सभी सिर पर टोपी और नए कपडे़ पहनकर पहुंचे, जिससे शहर में भी काफी चहल पहल नजर आई। शहर स्थित सभी प्रमुख मस्जिदों में मौलानाओं ने अकीदतमंदों को ईद की नमाज अदा कराई। नमाज के बाद घर पहुंचे अकीदतमंदों ने अपने रिश्तेदार, मित्रों आदि को बुलाकर उन्हें ईद की बधाई देने के साथ दावत की।
सख्त रही सुरक्षा व्यवस्था
ईदुलफितर को लेकर शहर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त रही। सुबह से ही मस्जिदों पर पुलिस फोर्स तैनात किया गया था, जो हर आने जाने वाले पर नजर रखे रहा। पुलिस ने भीड़ एकत्रित नहीं होने दी।