उरई। पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड में हुए भ्रष्टाचार की जड़ें उखड़ना शुरू हो गई हैं। शासन द्वारा भेजी गई टीम द्वारा लिए गए नमूने फेल होने पर प्रांतीय खंड के एक्सईएन, एई व जेई को शासन ने निलंबित कर दिया है।
उच्चाधिकारियों की मानें तो और भी कर्मचारियों पर तलवार लटक रही है। लोगों का कहना है कि अगर प्रांतीय खंड के द्वारा कराए गए अन्य कार्यों की जांच की जाए तो बड़ा मामला उजागर हो सकता है। फिलहाल कार्रवाई की जानकारी पर विभाग में खलबली मची है।
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड ने जिले में कई सड़कों का निर्माण कराया है। इन सड़कों में घटिया सामग्री का भी प्रयोग किया गया।
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड ने जिले में कई सड़कों का निर्माण कराया है। इन सड़कों में घटिया सामग्री का भी प्रयोग किया गया। जब शासन द्वारा जिले में लोक निर्माण विभाग के कराए गए कार्यों की जांच के लिए आई एसएलसी टीम के मुख्य प्रभारी मुख्य अभियंता कानपुर रवि कुमार दत्ता आए तो उन्होंने 10 नवंबर को प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए गए सामान्य मरम्मत के साथ नवीनीकरण भेपता संपर्क मार्ग का निरीक्षण किया। उसमें पाया गया कि लंबाई 3.850 किलोमीटर व स्वीकृत लागत 37 लाख थी। वहीं, दूसरा मार्ग परेछा संपर्क मार्ग जिसकी स्वीकृत लंबाई 3.350 किलोमीटर जिसकी लागत 32 लाख है।
टीम में आए सहायक अभियंता ने दोनों मार्गों की लंबाई नापने पर 0.850 किलोमीटर से .900 किलोमीटर कम लंबाई पाई गई। तब टीम को पता चला कि अगर और भी सड़कों की स्थिति देखी जाए तो और भी गड़बड़ी मिल सकती है। इस पर टीम ने उरई से एट बंगरा भीखेपुर, उरई से मोहाना, परेछा संपर्क मार्ग व भेंपता मार्ग सहित चार मार्गों के नमूने लिए थे और टीम ने सड़कों की खराब स्थिति को देखकर अधिकारियों को मौके पर ही फटकार लगाई थी। टीम ने जब नमूने लैब में भेजे तो उरई से एट बंगरा भीखेपुर, उरई से मोहाना, परेछा संपर्क मार्ग व भेंपता सहित चार सड़कों के नमूने फेल हो गए थे। शासन ने इन सड़कों में खेल करने वाले प्रांतीय खंड के एक्सईएन अमित सक्सेना, एई क्षितिज विवेक व एवर अभियंता सुनील आनंद को निलंबित कर दिया है।
नगर पालिका के कामों में भी जोड़ी ने किया घपला
उरई। प्रांतीय खंड में तैनात एई क्षितिज विवेक व जेई सुनील आनंद ने पालिका में कई सड़कों का काम कराया है। दोनों की अधिकारियों से ऐसी सांठगांठ थी कि वह किसी भी साइट पर एक साथ काम करते थे।
इनके कराए गए अन्य कार्यों की भी अगर जांच कराई जाए तो बड़े पैमाने पर घपला उजागर हो सकता है। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के एई क्षितिज विवेक व जेई सुनील आनंद की जोड़ी खासी चर्चित थी। क्योंकि इस जोड़ी पर एक्सईएन अमित सक्सेना का पूरा हाथ था। कई बार ठेकेदारों ने इनका विरोध भी किया। लेकिन अधिकारियों से उनकी ऐसी सांठगांठ थी कि कोई भी उनका कुछ नहीं कर पाया। बताया कि उरई नगर पालिका में भी दोनों की जोड़ी ने करोड़ों का कार्य कराया है।
लोगों का कहना है कि अगर इन कार्यों की भी जांच सही से कर दी जाए तो और भी इनके द्वारा किए गए कृत्य उजागर हो सकते हैं। (संवाद)