बात दें कि भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद महाराष्ट्र स्थित बाबा साहब की चैत्य भूमि के दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी मुंबई पुलिस ने उन्हें नजर बंद कर दिया। इससे भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त है। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने रविवार को एलान किया था कि आर्मी के कार्यकर्ता सोमवार सुबह आंबेडकर चौराहे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का पुतला फूंकेंगे। इसे लेकर कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट भी डाले, जिसे लेकर सुबह से ही पुलिस सजग नजर आई।
जिला प्रशासन के निर्देश पर सभी चौराहों पर पुलिस व पीएसी के जवान लगाए गए थे। करीब 12 बजे भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने नाटकीय ढंग से चौराहे पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और पुलिस मूकदर्शक बनी खड़ी रही। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार पर दलित विरोधी होने के आरोप लगाए।
जिला उपाध्यक्ष अमित चौधरी ने कहा कि मुंबई पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देते हुए उन्हें होटल में नजर बंद कर दिया, इसके साथ ही कार्यकर्ताओं से भी नहीं मिलने दिया। जो सरकार की दलित विरोधी नीति को बयां करता है। इस दौरान अखंड प्रताप, कमलेश सागर, अमित प्रताप, राम अवतार राजा, सौरभ, कुलदीप, जनमेजय आदि मौजूद रहे।