जालौन। कोतवाली क्षेत्र के शेरपुरा गांव में रविवार सुबह नमामि गंगे योजना के तहत बन रही पानी की टंकी के निर्माण कार्य के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मजदूर की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
औरैया जिले के मालासी गांव निवासी अजय कुमार (28) शेरपुरा में पानी की टंकी के निर्माण में मजदूरी कर रहा था। रविवार सुबह करीब नौ बजे वह चार अन्य मजदूरों के साथ लोहे का सरिया काट रहा था। इसी दौरान सरिया ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। करंट लगने से अजय गंभीर रूप से झुलस गया।
साथी मजदूर उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालौन लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर मलकपुरा-छिरिया सलेमपुर चौकी प्रभारी आलोक पाल मौके पर पहुंचे और परिजनों को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल हरीशंकर चंद का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
आखिर मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी
हाईटेंशन लाइन के नीचे काम कराने से पहले जरूरी सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए। क्या निर्माण एजेंसी ने बिजली के खतरे का आकलन किया था। कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की निगरानी करने वाले जिम्मेदार अधिकारी कहां थे। क्या मजदूरों को खतरे से बचाने के लिए पर्याप्त सावधानियां बरती गई थीं। एक मजदूर की जान चली गई, लेकिन क्या इस लापरवाही की जवाबदेही तय होगी। अब जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।