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जालौन: सिरफिरे प्रेमी ने महिला के बेटे को किया अगवा, पुलिस ने बच्चे और आरोपी को 10 घंटे में जंगल से पकड़ा

Wed, 02 Jun 2021 09:18 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन

सार

मामले की गंभीरता भांपते हुए पुलिस ने देर रात ही जंगल में कॉम्बिंग करनी शुरू कर दी। बुधवार की सुबह करीब 10 बजे के आसपास सुनील को नदीगांव की सीमा से लगे एमपी स्थित लहार के जंगल से बच्चे के साथ पकड़ लिया गया।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी सुनील - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जालौन जिले के नदीगावं थाना क्षेत्र में सिरफिरे प्रेमी ने अवैध संबंधों के चलते महिला के 10 साल के बेटे को अगवा कर लिया। महिला ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। हरकत में आई पुलिस ने दस घंटे के भीतर ही आरोपी और बच्चे दोनों को एमपी के जंगल से पकड़ लिया।
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सीओ कोंच राहुल पांडे ने बताया कि प्रेमी महिला को अपने साथ रखने का दबाव बना रहा था। इस कारण ही उसने वारदात को अंजाम दी। आरोपी और महिला दोनों करीबी रिश्तेदार भी हैं। सीओ ने बताया कि मंगलवार की रात थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने पुलिस को बताया कि उसके दस साल के मासूम बच्चे को रिश्ते में भतीजा लगने वाला गांव निवासी सुनील अगवा करके ले गया है।

सुनील को बच्चे के साथ सीमा से सटे जंगल की ओर जाते देखा गया है। मामले की गंभीरता भांपते हुए पुलिस ने देर रात ही जंगल में कांबिग करनी शुरू कर दी। बुधवार की सुबह करीब 10 बजे के आसपास सुनील को नदीगांव की सीमा से लगे एमपी स्थित लहार के जंगल से बच्चे के साथ पकड़ लिया गया।
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सुनील ने पुलिस को बताया कि उसके बच्चे की मां से अवैध संबंध थे।  वह उसे अपने साथ ही रखना चाहता था लेकिन मां तैयार नहीं हो रही थी। इस कारण ही उसने बेटे को अगवा किया। सीओ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर उसे जेल भेजा जा रहा है।

आरोपी ने रिश्तों को किया तार- तार
पुलिस के मुताबिक आरोपी सुनील ने जिस महिला के बच्चे को अगवा किया। वह महिला सुनील की सगी चाची लगती है और बच्चा चचेरा भाई। सुनील का रोजाना ही महिला के घर आना जाना था पर किसी को भनक तक नहीं थी कि इतनी बड़ी घटना भी हो सकती है।

बच्चे की हत्या भी कर सकता था आरोपी
जिस वक्त बच्चा पुलिस के हाथ आया तो वह काफी बदहवास भी था। बच्चे ने बताया कि भइया उसे रात भर जंगल में भूखे प्यासे घुमाते रहे। जब वह घर जाने के लिए कहता तो उसे मारते पीटते भी थे। इंस्पेक्टर रूप कृष्ण त्रिपाठी का कहना है कि यदि बरामदगी में कुछ देर और हो जाती तो बड़ी अनहोनी भी हो सकती थी।
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