माधौगढ़। घर में सो रही महिला संदिग्ध हालात में लापता हो गई। बिस्तर पर टूटी हुई चूड़ियां और खून पड़ा था। जिसे देख घरवालों के होश उड़ गए। सूचना पाकर थाने की फोर्स और एसपी भी पहुंचे। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड भी पहुंच गया। कोतवाल जेपी पाल ने बताया कि फिलहाल महिला के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की गंभीरता से जांच-पड़ताल की जा रही है।
माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव गोहनी निवासी प्राइवेट सफाई कर्मचारी कैलाश नारायण बाल्मीकि की 45 वर्षीय पत्नी सुशीला शादी समारोह में दोने पत्तल बटोरने का काम करती थी। बुधवार देर रात गांव में ही भंडारे से काम कर घर लौटी और जाकर बिस्तर पर लेट गई। गुरुवार सुबह महिला का बड़ा पुत्र मनोज सोकर जगा तो मां को गायब देख दंग रह गया। सुशीला की चारपाई के बिस्तर पर टूटी चूड़ियां व खून की बूंदे पड़ी थीं। पास में ही छोटा भाई गौरव भी सो रहा था। लेकिन उसे मां के गायब होने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
परिजनों ने तत्काल ही पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना पाकर एसपी डॉ. सतीश कुमार, एएसपी डा.अवधेश सिंह, सीओ सुबोध गौतम, कोतवाल जेपी पाल, फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वायड टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल के पास के नमूने लिए। महिला के बेटे मनोज की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर महिला की तलाश शुरु कर दी। परिजनों ने बताया कि सुशीला का पति कैलाश नारायण पूना की किसी फैक्ट्री में काम करता है।
नातिन नयन का जन्मदिन 11 जनवरी को था। जिसमें कैलाश आखिरी बार आया था। कैलाश के पिता वीरेंद्र व मां रामवती अपने छोटे पुत्र नरेश के साथ गांव के ही घर में अलग रहते हैं। सुशीला के साथ यहां घर पर बेटा मनोज व उसकी पत्नी सपना व छोटा भाई गौरव रहता था। एसपी ने बताया कि पूछताछ के लिए कुछ लोगों को उठाया गया है। जल्द ही कोई न कोई सुराग हाथ जरूर लगेगा।
पुलिस को भी है अनहोनी की आशंका
पुलिस ने भले ही अपहरण का मामला दर्ज कर लिया हो लेकिन इसके आगे की अनहोनी को भी केंद्र में रखकर जांच की जा रही है। पुलिस ने गांव के जंगलों और गन्ने के खेतों में भी सुशीला की तलाश की पर उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला।
भंगा गांव तक घूम आया कुत्ता
पुलिस का खोजी कुत्ता चारपाई की गंध लेकर पहले तो इधर-उधर खेतों में घूमता रहा, फिर सड़क की ओर भी गया। इसके बाद पड़ोस के गांव भंगा की ओर कुछ दूरी चलकर लौट आया। पुलिस गोहनी और भंगा दोनों गांवों के संदिग्धों पर नजर रख रही है।
साथ में सोया बेटा, फिर भी अंजान
पुलिस के गले से यह बात नहीं उतर रही है कि चारपाई पर सुशीला के साथ संघर्ष हुआ और पास में सो रहे बेटे को पता भी नहीं चला। बेटा भी बार बार बयान बदल रहा था। पुलिस का यह भी मानना है कि हालात बनावटी भी हो सकते हैं।
दो माह पहले ही गांव आया था परिवार
ग्रामीणों ने बताया कि कैलाश का पूरा परिवार उसके साथ ही पूना में रहता था। बहू की डिलेवरी होनी थी, जिस कारण ही सुशीला बेटों व बहू को लेकर गांव के घर में रहने के लिए आई थी।
भंडारे में शामिल संदिग्धों की तलाश
लापता होने से पहले सुशीला जिस भंडारे में काम कर लौटी थी, वहां पर शामिल होने आए संदिग्ध लोगों के बारे में भी पुलिस पता कर रही है। माना जा रहा है कि सुशीला के यूं अचानक गायब होने के तार भंडारे से भी जुड़े हो सकते हैं।
घटनास्थल पर मौजूद एएसपी व जांच करता कर्मी- फोटो : ORAI
घटनास्थल पर लगी भीड़- फोटो : ORAI
लापता महिला सुशीला की फोटो- फोटो : ORAI