उरई। पुरुष नसबंदी (एनएसवी) महिलाओं की अपेक्षा सरल है। मन से भ्रम निकालकर आगे आने की जरूरत है। यह बात सीएमओ डॉ एनडी शर्मा ने कही। उन्होंने बताया कि पुरुष नसबंदी पखवाड़े के अंतर्गत शुक्रवार को जिला पुरुष अस्पताल में विशेष कैंप का आयोजन किया जाएगा। इसमें झांसी के प्रसिद्ध सर्जन डा गोकुल प्रसाद झांसी से आकर बिना चीरा बिना टांका पुरुष नसबंदी करेंगे। इसके अलावा हाइड्रोसील के भी आपरेशन किए जाएंगे।
परिवार कल्याण के नोडल अधिकारी डॉ एसडी चौधरी का कहना है कि इस समय पुरुष नसबंदी पखवाड़ा चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के टीमों के सहयोग से नसबंदी के मामले में जिला मंडल में शीर्ष पर चल रहा है। पखवाड़ा में अब तक सर्वाधिक 17 नसबंदी हो चुकी है। इस पखवाड़े में एनएसवी के मामले में जालौन जनपद प्रदेश में सातवें स्थान पर है। उन्होंने पुरुष नसबंदी कराने पर उसी दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है और यह महिलाओं के मुकाबले सरल है। महिला नसबंदी में महिलाओं के पेट पर चीरा लगाकर अंदर से आपरेशन किया जाता है।
पिछले दिनों नसबंदी कराने वाले शहर के एक मोहल्ला निवासी मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करने वाले इंजीनियर का कहना है कि पुरुष नसबंदी के मामले में पुरुषों को भी भ्रम निकालकर आगे आना होगा। उन्होंने बताया कि इस समय वर्क फ्राम होम हैं। उनके दो संतान है, जिसमें एक बेटी आठ साल और बेटा छह साल का है। पत्नी की सलाह पर उन्होंने तय किया कि वह नसबंदी कराएंगे। इसके लिए उन्होंने यू ट्यूब देखा और गूगल आदि पर भी सर्च किया। जिला अस्पताल आकर डाक्टर से सलाह ली। इसके बाद नसबंदी कराई। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन के मामले में पुरुष भी महिलाओं के साथ बराबरी की जिम्मेदारी निभाएं।