फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मजदूरी देनदारी पर सात कर्मियों का रोका वेतन

Wed, 24 Aug 2016 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
विज्ञापन
बाल मजदूर - फोटो : demo pic
विज्ञापन
बजट होने के बाद भी मनरेगा मजदूरों को काम के बदले दाम देने में दिखाई गई लापरवाही पर सीडीओ ने चार ब्लाकों के सहायक लेखाकार व एपीओ समेत सात का पांच दिन का वेतन रोक दिया है। इसके साथ पांच विकास खंड अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह मजदूरी के जो भी लंबित मामले हैं वह 27 अगस्त तक सुलझा लें। अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई
विज्ञापन


की जाएगी। सीडीओ एसपी सिंह ने मनरेगा मजदूरों की लंबित मजदूरी के मामलों को लेकर कार्रवाई की है। डकोर ब्लाक में 8.28 लाख रुपये की बकायेदारी है। दिए जा रहे दिशा निर्देशों के बाद भी मजदूरों को पैसा नहीं मिल पा रहा था। इस पर वहां के सहायक लेखाकार एनआरपी संतराम पाल, एपीओ रामचंद्र का अगस्त में पांच दिन वेतन पर रोक लगाई है। इसी प्रकार

कदौरा ब्लाक में 5.72 लाख की बकायेदारी है। यहां पर एडीओ अलबर्ट अहिरवार, महेबा में 3.10 लाख की बकायेदारी है। यहां पर लेखाकार बीएल कश्यप व एपीओ असित रंजन कटियार, नदीगांव ब्लाक में 3.89 लाख की बकायेदारी है। यहां पर सहायक लेखाकार संतोष कुमार गोस्वामी, व एपीओ लोकेंद्र यादव के पांच दिन के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश
विज्ञापन


दिए हैं। जालौन ब्लाक में 0.23 लाख, रामपुरा में 2.41 लाख, कुठौंद में 1.14 लाख, कोंच में 2.58 लाख व माधौगढ़ में 0.70 लाख रुपये जाबकार्ड धारक मजदूरों का अटका हुआ है।

इसमें बजट होने के बाद भी कुछ कारणो से मजदूरों का भुगतान नहीं हो पाया। इस पर यहां के खंड विकास अधिकारियों को चेतावनी दी गई है। कहा गया है कि 27 अगस्त तक भुगतान न हुआ तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें