मुहम्मदाबाद। जालौन और हमीरपुर को जोड़ने वाला मुहाना- चिकासी मार्ग पर बेतवा नदी पर बना पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। लोक निर्माण विभाग की ओर से पुल की मरम्मत के लिए 1.54 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। मरम्मत कार्य के चलते बृहस्पतिवार को पुल को पूरी तरह बंद किया जाएगा। इसका सीधा असर आसपास के गांवों के साथ-साथ जिला जालौन और हमीरपुर के बीच आवागमन पर पड़ेगा। लोगों का कहना है कि करीब 45 किलोमीटर का चक्कर लोगों को लगाना पड़ेगा।
मुहाना-चिकासी पुल बंद होने से उरई- राठ मार्ग पर संचालित होने वाली करीब 40 निजी बसों का संचालन प्रभावित होगा। बस संचालकों की इस संबंध में बैठक भी हो चुकी है, लेकिन अभी तक किसी ठोस निर्णय पर सहमति नहीं बन सकी है। बस संचालकों का कहना है कि यदि बसों को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के रास्ते चलाया गया तो दूरी और टोल खर्च बढ़ेगा। इससे किराया बढ़ाना मजबूरी हो जाएगी।
बस संचालकों के अनुसार, वैकल्पिक मार्ग के रूप में उरई से डकोर होते हुए बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर चढ़कर धनौरी कट पर उतरना पड़ेगा। वहां से लिंक रोड के जरिए बीरा होते हुए गोहांड और फिर राठ पहुंचना होगा। इस मार्ग में धनौरी से गोहांड की दूरी करीब 28 किलोमीटर और गोहांड से राठ की दूरी 15 किलोमीटर है। यदि डकोर से सीधे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे होते हुए धनौरी कट तक सफर किया जाए तो कुल दूरी करीब 45 किलोमीटर हो जाती है।
बस संचालकों का कहना है कि यदि बसों का संचालन पूरी तरह बंद किया गया तो प्रतिदिन लगभग चार लाख रुपये की आमदनी पर असर पड़ेगा। वहीं, बसें चलाने की स्थिति में अतिरिक्त दूरी और खर्च के कारण यात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। पुल बंद होने का असर स्कूली बच्चों पर भी साफ दिखाई देगा। जिला जालौन के मोहना और मकरेचाऊ गांवों के करीब सौ छात्र-छात्राएं प्रतिदिन जिला हमीरपुर के चिकासी स्थित स्कूलों में पढ़ने जाते हैं। पुल बंद होने से उनके सामने आवागमन की गंभीर समस्या खड़ी हो जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को मरम्मत कार्य के दौरान वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था और परिवहन संचालन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए, ताकि आमजन, विद्यार्थियों और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
बोले लोग
फोटो -32 मनीष कुमार बुधौलिया।
पुल बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी निजी बस संचालकों को होगी। टोल का अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा। साथ ही दूरी भी बढ़ जाएगी। प्रशासन को वैकल्पिक मार्ग की तलाश करनी चाहिए।
- मनीष कुमार बुधौलिया, बस यूनियन अध्यक्ष
फोटो - 33चतुर सिंह।
अगर पुल बंद होता है, तो उन्हें बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे होते हुए जाना पड़ेगा। इसके लिए उन्हें अलग से परमिट लेना पड़ेगा। यह भी देखना होगी, कि रोडवेज से किराया अधिक न हो। अब तो लोगों को सफर कराना मुश्किल लग रहा है।
- चतुर सिंह।
फोटो - 30 पुल को बंद करने को सफाई करती जेसीबी। संवाद
फोटो - 30 पुल को बंद करने को सफाई करती जेसीबी। संवाद
फोटो - 30 पुल को बंद करने को सफाई करती जेसीबी। संवाद