कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी 55 वर्षीय विधवा का शव चार फरवरी की सुबह घर से लगभग 50 मीटर दूर स्थित खेत में मिला था। महिला के पति की लगभग 15 वर्ष पूर्व बीमारी के चलते मृत्यु हो चुकी थी। बेटियों की शादी हो चुकी है और दोनों बेटे बाहर रहकर काम करते हैं।
गांव के बाहरी इलाके में बने मकान में महिला घर में अकेली ही रहती थी और मटर तोड़कर अपना जीवन यापन कर रही थी। घटना के समय महिला के घर के आंगन और बिस्तर में खून पड़ा था। महिला की साड़ी भी आंगन में ही पड़ी थी। महिला के भतीजे की तहरीर पर पुलिस ने हत्या की प्राथमिकी दर्जकर हत्यारों की तलाश शुरू कर दी थी।
एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार के निर्देश पर चार टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। पुलिस ने कुछ संदिग्धों से भी पूछताछ की। जिसमें एक युवक पर पुलिस को शक हुआ और पुलिस ने जब सख्ती दिखाई तो युवक ने हत्या की बात कुबूल कर ली।
एएसपी प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि महिला घर में अकेली रहती थी। इसकी जानकारी आरोपी युवक छत्रपाल (30) को थी। घटना की रात युवक ने शराब पी। शराब पीकर वह घर चला गया। रात में करीब नौ बजे छत्रपाल घर से आया और महिला के घर में घुस गया। घर में सो रही महिला के साथ वह दुष्कर्म की कोशिश करने लगा। जागने पर महिला ने विरोध किया। तो उसे जमीन पर गिरा दिया। इसी दौरान उसके सिर में चोट लग गई। महिला लगातार बचने की कोशिश करती रही। छीना झपटी के दौरान महिला के हाथों की चूड़ियां भी टूट गईं और साड़ी खुल गई।
महिला के जमीन पर गिरने के बाद उसने गला दबाकर महिला की हत्या कर दी। बचने के लिए उसने महिला के शव को घर से बाहर निकाला और घर से लगभग 50 मीटर दूरी पर स्थित सरसों के खेत में शव को निर्वस्त्र अवस्था में ही खेत में फेंक दिया। शव को फेंकने के बाद कपड़ों और जूतों पर मिट्टी, खून और सरसों के खेत के फूल आदि उसके कपड़ों और जूतों पर लग गए थे। घर जाने के बाद उसने कपड़े उतारकर ईंटों के नीचे छुपा दिए और जूते धोकर रख दिए। पुलिस ने युवक की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कपड़े और जूते बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने युवक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।