उरई। मेहनत के पसीने से पक कर तैयार हुई अन्नदाता की फसल बिजली विभाग के लापरवाह रवैये की भेंट चढ रही है। जिलाधिकारी के सख्त रुख के बावजूद बिजली विभाग के जर्जर तारों से निकली चिंगारी किसानों को खून के आंसू रुला रही है। जिस गेहूं की फसल के सहारे किसानों ने साल भर के सपनों को बुन रखा था वहीं फसल उनकी आंखों के सामने धू धूकर जल रही है। वहीं, मजबूर किसान अपनी बर्बादी के इस मंजर को देखकर बेबस और लाचारी के सिवा कुछ नहीं कर पा रहा है। बीते बीस दिनों में दर्जनों जगहों में आग लगने की घटनाओं में किसानों की सैकड़ों बीघा फसल तबाह हो गई।
किसानों की फसल में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे है। बिजली विभाग को कई बार जर्जर तारों को दुरूस्त करने के लिए जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दे रखे हैं। इसके बावजूद जिला प्रशासन के चुनाव में व्यस्त होने का असली फायदा बिजली विभाग ही उठा रहा है। जनपद के कई हिस्सों में जर्जर तारों की वजह से आग लगने की घटनाओं की वजह से किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
रोजाना दस से बीस ब बीघा फसल राख हो रही हैं। अपनी फसलों को बचाने के लिए किसान कई बार शिकायत कर चुके हैं। उन पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिले भर में किसानों की गेंहू की फसल पकी खड़ी हुई है।बिजली विभाग के झूलते लटकते तार और खंभों की वजह से अक्सर आग लगने की घटनाएं सामने आ रही है। कई जगह पर बिजली के खंभे टूटे हुए हैं तो कई जगह पर झुककर जमीन को छू रहे हैं।
डीएम के पास भी कर चुके शिकायत
बरहा, व्यासपुरा के प्रधान धर्मेंद्र ने बताया कि किसानों के साथ मिलकर उन्होंने डीएम के पास दो अप्रैल को शिकायत की थी। उनके खेत से एचटी लाइन निकली हुई है। जो पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। खंभे इतने झुक चुके हैं। जो खेतों को छू रहे हैं। उस शिकायत पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
रोजाना लग रही आग, ध्यान नहीं दे रहे जिम्मेदार
आटा के किसान ने महेश गुप्ता, हरिपाल, गुलाब यादव, अविनाश ने बताया कि उनके खेत में एचटी लाइन की चिंगारी से आग इसी सप्ताह में लगी है। सभी किसानों का दो से तीन लाख का नुकसान भी हुआ है। उनके खेतों से तार झूलते हुए निकले हैं तो कहीं खंभे खेत में पड़े हैं। आंधी आने से हर साल खंभे गिरते हैं। इसके बाद भी जर्जर खंभों और तारों को नहीं हटवाया जा रहा है।
वर्जन
इस खंभों को बदलवाने के लिए पत्र लिख दिया गया है। जो तार ढीले हैं, उन्हें कसवाया जा रहा है। जो किसान शिकायत करते हैं, उस पर जल्द कार्रवाई होती है। -
जितेंद्र नाथ, अधिशासी अभिंयता, बिजली विभाग