उरई। इंदिरा स्टेडियम में सुविधाओं और संसाधनों की कमी के चलते खेल की प्रतिभाएं हताश हो रही हैं। टर्फ विकेट की कमी और ग्राउंड में बड़े-बड़े गड्ढे क्रिकेट के खेल की युवा प्रतिभाओं की राह में रोड़ा बन रहे हैं।
अव्यवस्थाओं के चलते स्टेडियम में लगातार प्रशिक्षण को पहुंचने वाले क्रिकेट खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण और खेल का माहौल नहीं मिल रहा है। ऐसे में काेई भी खिलाड़ी जिले से बाहर अपनी प्रतिभा का उचित प्रदर्शन नहीं कर सका है। खिलाड़ियों ने बताया कि कोई छह साल तो कोई पांच साल से प्रशिक्षण ले रहा है। खेल में निपुण होने के बाद भी जिले के बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। कोई न कोई कमी निकल आती है। जबकि स्टेडियम में सुविधाओं का अभाव है। कभी कोच नहीं रहता तो कभी पिच ठीक नहीं मिलती है।
स्टेडियम में हुए कई जगह गड्ढे
मैदान में भी कई जगह पर ऊंचा खाली स्थान है। जो खिलाड़ियों के लिए खतरा पैदा करता है। खिलाड़ियों को दौड़ने पर सोचना पड़ता है कि कहीं वह गड्ढे में घुसकर चुटहिल न हो जाएं। स्टेडियम में जगह-जगह दर्जनों स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। जो काफी समय से बने हुए हैं। उनको भरवाने के लिए अभी तक स्टेडियम प्रशासन ने कुछ नहीं किया।
टर्फ विकेट नहीं होने से होती है समस्या
टर्फ विकेट नहीं होने से खिलाड़ियों को परेशानी होती है। उन्हें मैदान में अपने लिए अस्थायी टर्फ विकेट बनवाने पड़ते हैं। पिच को ठीक करने के लिए स्वयं ही रोलर चलाना पड़ता है। तब जाकर प्रशिक्षण खिलाड़ी ले पाते हैं। जो विकेट बने हुए हैं तो उसकी कई जगह से टाइल्स टूट गई है। इससे उस पर प्रशिक्षण नहीं हो पाता है।
खिलाड़ियों की बात-
देव प्रकाश शर्मा ने बताया कि छह साल से प्रशिक्षण ले रहे हैं। अच्छा खिलाड़ी बनने की उम्मीद से पसीना बहा रहे हैं। डीसीए में कई बार टेस्ट देने गए हैं। लेकिन पास नहीं हुए हैं। कोई न कोई कमी निकल आती है। देवराज ने बताया कि सुविधा के नाम पर कुछ है। जिले के बाहर खिलाड़ी निकल नहीं पा रहे हैं। पिच में भी कई कमियां है। गड्ढे भी हो गए हैं। असुविधा के बाद भी प्रशिक्षण ले रहे हैं ताकि आगे भविष्य अच्छा हो जाए।
व
र्जन-
हाल में ही तीन खिलाड़ियों का कैंप कोचिंग के लिए चयन हुआ है। उसका जल्द रिजल्ट आने वाला है। सुविधाओं के लिए लगातार काम किया जा रहा है। स्वयं खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देते हैं। इसके बाद भी अगर कोई समस्या आ रही है। उसमें सुधार किया जाएगा। -सिराजुद्दीन, क्रीड़ा अधिकारी