- वन रक्षक पर रेंज के कई वन ब्लॉकों में फर्जी काम करवाने के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। गंभीर आरोपों और शिकायतों के बावजूद वन रक्षक दुर्गेश कुमार पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। विभाग का कहना है कि मामले की जांच चल रही है, जबकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि विभाग भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहा है और जांच के नाम पर महीनों से उन्हें परेशान किया जा रहा है। आरोप यह भी है कि भ्रष्टाचार में लिप्त वन रक्षक को विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से बार-बार बचा लिया जाता है।
कोंच के धौरपुर निवासी शिकायतकर्ता अमित कुशवाहा ने आरोप लगाया कि कोंच रेंज के कई वन ब्लॉकों में फर्जी कार्य कराया गया। मजदूरों के फर्जी अंगूठे लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। मृदा कार्य और पौधरोपण का काम भी बेहद लापरवाही से हुआ है। जिस ब्लॉक में 20 हेक्टेयर क्षेत्र में 8000 नालियां बननी थीं, वहां केवल 800 नालियां ही बनाई गईं।
इसी तरह बिल्टा वन ब्लॉक में तीन सेक्शन में खोदाई का कार्य होना था, लेकिन वहां कोई काम नहीं कराया गया। शिकायत में कहा गया है कि क्षेत्रीय वन अधिकारी दिव्यांग होने के कारण गार्ड दुर्गेश कुमार खुद को रेंजर बताता है और खुलेआम अवैध वसूली करता है। उसकी मिलीभगत से कई प्रजातियों के पेड़ों की अवैध कटान हो रही है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से दुर्गेश कुमार पिछले छह साल से कोंच रेंज में जमे हुए हैं, जबकि गार्ड की तैनाती की अधिकतम अवधि तीन वर्ष होती है। अमित कुशवाहा का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री, वन मंत्री और प्रधान मुख्य वन संरक्षक से लेकर जिलाधिकारी तक कई बार की है।
16 जुलाई 2025 को डाक से भेजी गई शिकायत का निस्तारण फर्जी तरीके से दूसरी पोर्टल पर दिखा दिया गया। 23 जुलाई 2025 को दर्ज हुई दूसरी शिकायत का निस्तारण 22 अगस्त 2025 को अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी हस्ताक्षर कर किया गया। इसके खिलाफ अब उन्होंने बुधवार को दोबारा शिकायत की है। उनका आरोप है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी, जिन पर उन्होंने भ्रष्टाचार में संलिप्त होने का आरोप लगाया है, पद पर हैं, तब तक दुर्गेश कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।
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जिम्मेदार बोले-जांच के बाद होगी कार्रवाई
डीएफओ प्रदीप कुमार ने बताया कि शिकायतकर्ता ने हलफनामा दिया है। जांच के लिए एसडीओ उरई रवि मोहन कटियार की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। संबंधित कर्मचारी को कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। फिलहाल वह मेडिकल पर है।