गल्ला मंडी स्थित विपणन शाखा के गेहूं खरीद केंद्र पर पसरा सन्नाटा।
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एक अप्रैल से किसानों का गेहूं खरीदने का वादा फ्लाप साबित हुआ है। पहले दिन निर्धारित 80 केंद्रों में से अधिकांश पर ताला लटकता रहा। जो केंद्र खुले भी उन पर न तो बारदाना था और न ही अन्य मानक पूरे हो रहे थे। पहले दिन किसानों ने भी खरीद केंद्रों पर जाना उचित नहीं समझा। इससे एक दाना की भी खरीद नहीं हो सकी। शासन ने गेहूं खरीदने के लिए एक
अप्रैल से खरीद केंद्रों का संचालन शुरू कराने का निर्देश जारी किया था। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने केंद्रों का निर्धारण कर खरीद की व्यवस्थाएं संस्थाओं को पूरा करने के निर्देश दिए थे। सारे दावे एक अप्रैल को खोखले साबित हुए है। उरई शहर में ही आठ केंद्र संचालित होने थे, जिसमें से मंडी परिषद में पीसीएफ के किसान सेवा केंद्र उरई व ऐर साधन
सहकारी समिति का केंद्र ही खोला गया। अन्य केंद्रों पर ताला लटकता रहा। जो दो केंद्र खुले थे, उन पर केंद्र प्रभारी तो बैठे रहे, लेकिन न तो किसान आए और न ही वहां पर व्यवस्थाएं
थीं। सबसे बड़ी कमी बारदाने की थी। इसके अलावा नमी मापक यंत्र भी मंडी परिषद की ओर से नहीं मुहैया कराया गया। पूरे जिले में कहीं भी गेहूं की खरीददारी नहीं हो सकी। कुल मिलाकर पहला दिन गेहूं खरीद के हिसाब से फ्लाप साबित रहा ह्रै।