बैनर, पोस्टर और जुलूस ही नहीं इस मर्तबा स्टार प्रचारकों का मंच भी चुनाव आयोग की नजरों से नहीं बचेगा। महंगा मंच, तामझाम वाली साज सज्जा, 21, 51 और 101 किलो की सभी मालाओं और स्वागत गेट पर होने वाले खर्च का हिसाब किताब आयोग उम्मीदवारों से लेगा। इसके लिए प्रमुख दलों का अलग अलग रजिस्टर निर्वाचन कार्यालय तैयार करेगा। फिलहाल
जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से घोषित प्रत्याशियों से उनके स्टार प्रचारकों की सूची मांगी गई है। मालूम हो कि इस बार आयोग ने चुनाव प्रचार के खर्च की जो सीमा तय की है, उससे धन बल वाले प्रत्याशियों के माथे पर अभी से ही पसीना नजर आने लगा है। प्रत्याशियों पर नकेल कसने के लिए हाल ही में जिला निर्वाचन कार्यालय से जुड़े अधिकारियों की बैठक में मंच
और सभा के खर्च का लेखाजोखा रजिस्टर तैयार करने के निर्देश जारी हुए हैं। अधिकारियों की मानें तो नामांकन शुरू होते ही स्टार प्रचारकों पीएम मोदी, सीएम अखिलेश, सपा नेता मुलायम सिंह, पूर्व सीएम मायावती, कांग्रेस के राहुल और सोनिया के कार्यक्रम की तारीखें भी तय होने लगेंगी। इसके अलावा अमित शाह, हेमामालिनी, मनोज तिवारी, शत्रुघ्न सिन्हा,
सतीश मिश्रा, राजू श्रीवास्तव, राजबब्बर, शीला दीक्षित, शिवपाल यादव, रामगोपाल और आजम खां आदि नेताओं का कार्यक्रम भी पार्टी प्रत्याशियों से लिया जा सकता है। आखिरी वक्त पर
होने वाली इन सभाओं में प्रत्याशी पूरी ताकत भी झोंकेंगे, लिहाजा खर्च की बंदिशें टूट भी सकती हैं। इसलिए अब तक के घोषित प्रत्याशियों को बताना भी शुरू कर दिया गया है कि वे स्टार प्रचारकों का वेलकम करते वक्त आयोग के निर्देशों का भी पालन करें। कहीं ऐसा न हो उनका जोश, कुर्सी तक पहुंचने की उनकी हसरतों पर पानी फेर दे।
सोफे, कुर्सी भी गिने जाएंगे
सभा से पूर्व कार्यक्रम स्थल पर डाली जाने वाली कुर्सियों और सोफे की संख्या लेकर सभा समाप्त होने पर उनका मिलान और वीडियो रिकार्डिंग भी कराई जाएगी। यदि संख्या निर्धारित गिनती से अधिक पाई गई तो नोटिस मिलना तय है।
पाउच, बोतलों का भी हिसाब
सभा स्थलों पर पानी के पाउच और बोतलों पर भी अधिकारी नजर रखेंगे। पानी के अलावा चाय, नाश्ता अथवा लंच पैकेट का इंतजाम हुआ तो इसकी भी जानकारी प्रत्याशियों को देनी होगी।
फूल तय करेंगे मालाओं का खर्च
आमतौर पर स्टार प्रचारकों के गले में इतनी बड़ी और भारी माला डाली जाती है, जिसके भीतर अधिक से अधिक नेता खड़े हो सकें। लिहाजा इस बार मालाओं के वजन और उनके फूल किन दामों के हैं, यह भी हिसाब किताब में शामिल हो सकता है।