उरई। उरई रेलवे स्टेशन पर लगे अधिकांश वाटरकूलर खराब पड़े हैं। ऐसे में गर्मी में ठंडे पानी की जरूरत के चलते यात्री पानी की बोतल खरीदकर पी रहे हैं। स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य भी यात्रियों की परेशानी का सबब बना हुआ है। वाटरबूथ और शौचालय के आसपास काम होने के कारण यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उरई रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर तीन वाटरकूलर लगे हैं। इसमें एक खराब है। जबकि प्लेटफार्म नंबर दो व तीन पर दो वाटरकूलर लगे हैं और वह दोनों खराब है। रेलवे स्टेशन पर रोजाना पांच सौ से आठ सौ पानी की बोतल की बिक्री होती है। पिछले दस दिनों में रेलयात्री करीब ढाई हजार पानी की बोतल खरीदकर पी चुके हैं।
इस स्टेशन से रोजाना 32 एक्सप्रेस ट्रेनों की आवाजाही होती है। इसमें अधिकांश ट्रेनें प्लेटफार्म नंबर एक व दो, तीन से ही गुजरती है। इन प्लेटफार्म पर वाटरकूलर न मिलने से यात्रियों को ठंडा पानी नहीं मिल पाता है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक स्टेशन पर रोजाना करीब दो हजार यात्री गंतव्य को जाते हैं और करीब तीन हजार यात्रियों का आगमन होता है। यहां करीब पांच हजार यात्री रोजाना आते-जाते हैं।
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वाटर वेडिंग का किसी ने नहीं लिया टेंडर
उरई रेलवे स्टेशन पर दो वाटर वेडिंग मशीन लगाई गई थीं। इसमें एक रुपये से लेकर पांच रुपये तक में यात्रियों को ठंडा पानी मिल जाता था। इनका मामला कोर्ट में चला गया। इसके बाद रेल प्रशासन ने दोबारा टेंडर निकाले तो बिहार की एक कंपनी को ठेका मिला, लेकिन इस कंपनी ने काम शुरू नहीं किया। तीसरी बार टेंडर तो निकाले, लेकिन कोई टेंडर लेने के लिए आगे नहीं आया। इसका नतीजा है कि स्टेशन पर सस्ते दाम पर पानी की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
वर्जन
वाणिज्य विभाग के अधिकारियों के साथ वाटरकूलर का निरीक्षण किया गया था। तब चल रहे थे। जिन वाटरकूलर की शिकायत है, उन्हें दोबारा देखकर ठीक कराया जाएगा।
- मोहित शुक्ला, एसएससी इलेक्ट्रिकल