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दिन और रात की अघोषित कटौती से बेहाल हुआ जनजीवन

Sat, 09 Apr 2016 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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बिजली संकट - फोटो : अमर उजाला
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गर्मी शुरू होते ही बिजली की कटौती ने लोगों को रुलाना शुरू कर दिया है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे बिजली कटौती बढ़ती जा रही है। देर रात 11 बजे से शुरू होने वाली बिजली की आवाजाही सुबह तक जारी रहती है। इससे लोगों की रात की नींद नही पूरी हो रही है। उरई में मच्छरों के प्रकोप के चलते भी लोगों का हाल बेहाल है।
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दिन में विभाग द्वारा सुबह 10 बजे ही बिजली काट दी जाती है। इसके बाद दोपहर एक बजे के बाद बिजली की आपूर्ति बहाल हो पाती है। वहीं, शाम 7 से रात 9 बजे के बीच किसी न किसी कारण से बिजली कटी रहती है। इससे नगर के लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मुख्यमंत्री के नगरीय इलाकों में 20 घंटे बिजली देने के दावों की भी हवा

निकल रही है। रात के वक्त होने वाली कटौती से लोग बिलबिला उठे हैं। सबसे अधिक दिक्कत बुजुर्गों को हो रही है। वहीं, बिजली की वजह से पानी की भी किल्लत है। समय से बिजली न आने से जलापूर्ति पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। बाजारों में भी शाम के वक्त बिजली की आवाजाही से व्यापारियों और खरीदारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद
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इसके विभाग अधिकारियों का रवैया सुधर नहीं रहा है। लोगों को पता ही नहीं होता कि बिजली कब आएगी और कब जाएगी। लोगों ने विभाग से मांग की है कि गर्मी में कम से कम रोस्टर के मुताबिक बिजली तो दी जाए। अघोषित कटौती बंद की जाए।

शासन का आदेश हवा में
बुंदेलखंड केे सातों जनपदों जालौन, हमीरपुर, औरैया, बांदा, चित्रकूट, महोबा, झांसी में सूबे की सरकार ने 24 घंटे बिजली देने की घोषणा की थी। बाद में शहरी इलाकाें में 20 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली देने का वायदा किया गया। मौजूदा स्थिति में जिस तरह विद्युत आपूर्ति की जा रही है उसे देखकर यह नहीं लगता कि प्रदेश सरकार की घोषणाएं कभी पूरी हो पाएंगी।

कटौती का रोस्टर
शासन से जिला मुख्यालयों पर 4 घंटे बिजली कटौती का आदेश है। शहर में कटौती का समय दोपहर 1 से शाम 4 बजे तक और शाम को 8 से 9 बजे तक निर्धारित किया गया है, पर इसके मुताबिक शहरियों को बिजली नहीं मिल पा रही है। निर्धारित कटौती केे अलावा 6 से 8 घंटे अतिरिक्त कटौती भी हो रही है। खास बात यह है कि रात व शाम के वक्त जब लोगों को सबसे ज्यादा बिजली की आवश्यकता होती है, उसी समय अक्सर बिजली की अघोषित कटौती कर दी जाती है।

रोस्टर के मुताबिक बिजली सप्लाई की जा रही है। फाल्ट व अन्य तकनीकी समस्या होने के कारण संबंधित क्षेत्र की बिजली बीच में रोकनी पड़ती है। समस्या दूर होते ही फिर से सप्लाई शुरू कर दी जाती है। - रमेश चंद्रा, एक्सईएन, बिजली विभाग
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