भारतीय किसान यूनियन की ओर से शनिवार को पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें कहा गया कि दैवी आपदाओं के प्रकोप के आगे किसान पूरी तरह से बेबस है। किसानों के घर केे हालात आर्थिक तंगी से बदतर हैं। बैठक में मांग की गई कि दैवी आपदा पीड़ित किसानों को बकाया राहत राशि का वितरण जल्द किया जाए। इसके अलावा राशन वितरण में हो रही
धांधली पर रोक लगाई जाए। किसानों के बैंक, बिजली और पानी के सारे कर्ज माफ हों। माधौगढ़ स्थित गल्ला मंडी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में तहसील अध्यक्ष शिवबालक सिंह ने कहा कि जालौन का किसान दैवी आपदा से जूझ रहा है। हालात यह है कि अधिकतर किसान शासन की ओर से दी जा रही राहत राशि से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि जो किसान रह गए हैं,
उन्हें भी राहत राशि दी जाए। बैठक में किसानों ने कहा कि राशन वितरण में कोटेदारोें की मनमानी हावी है। अपात्रों का नाम सूची में दर्ज कराकर राशन बांटा जा रहा हैं। इसके अलावा माधौगढ़ क्षेत्र में सूखे तालाबों को न भरे जाने से गहराये पानी संकट पर चर्चा की गई। कहा गया कि तालाब न भरे जाने से मवेशी पीने के पानी को भटक रहे हैं। मजबूरन उन्हें गड्ढों में
भरे पानी से प्यास बुझानी पड़ रही है। कहा गया कि ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था का बुरा हाल है। रोस्टर केे अनुसार भी बिजली की आपूर्ति नहीं की जा रहीं है। सभी किसानों ने
एक स्वर में कहा कि यदि जल्द ही उक्त मांगों का जिला प्रशासन की ओर से निस्तारण न किया गया तो आंदोलन के लिए विवश होना पडे़गा। इस दौरान हरचरन सिंह, लालजी सिंह, पप्पू हरौली, विजय कुशवाहा, जन्मेजय सिंह, समरजीत आदि मौजूद रहे।