उरई। जालौन गरौठा भोगनीपुर लोकसभा सीट के लिए सोमवार की सुबह सात बजे से शुरू हुए मतदान से जहां भीषण गर्मी में भी लोगों में उत्साह देखने को मिला। वहीं, जिले के करीब आधा दर्जन गांवों के ग्रामीणों ने रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाते हुए मतदान करने से बहिष्कार कर दिया। जैसे ही इसकी जानकारी प्रशासन को लगी तो प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया और मान मनोबल का दौर शुरू हो गया।
अधिकारी बहिष्कार करने वाले गांव पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने, जिस पर अधिकारी वापस लौट आए, इस दौरान मतदान केंद्रों पर सन्नाठा छाया रहा। मतदान कर्मी वोटरों के आने की प्रतीक्षा करते दिखे, कालपी विधान सभा के नसीरपुर गांव के ग्राम प्रधान ने प्रशासन पर जबरन वोट डलवाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि प्रशासन ने जबरदस्ती एक वोट डलवा कर मतदान बहिष्कार का संकल्प तोड़ने की कोशिश की है।
क्षेत्र की मूलभूत जरूरतों की लंबे समय से अनदेखी को लेकर उरई विधानसभा के अटरिया व कालपी विधान सभा के नसीरपुर व सधारा गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। जानकारी पर एसडीएम कालपी हेमंत पटेल व सीओ देवेंद्र पचौरी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर वोट करने की अपील की, लेकिन ग्रामीणों ने वोट डालने से मना कर दिया।
इसी दौरान बताया गया कि ग्राम प्रधान ने अपना वोट कर दिया है। बातें सुन ग्रामीण नाराज हो गए इस पर ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने उसे मतदान कक्ष में ले जाकर जबरन वोट डलवा दिया है। उसका आरोप है कि उसे वह व्यवस्था देखने के लिए अंदर ले गए थे, जहां उसका मतदान करवा दिया।ग्राम प्रधान का कहना है कि अधिकारी पर कार्रवाई की जाए। लेकिन शाम को भी एक व्यक्ति ने अपना मतदान किया।
वहीं, बूथ पर तैनात माइक्रो आब्जर्वर राजेश कुमार ने बताया कि 1314 मतों में दो व्यक्तियों ने मतदान किया है।मतदान बहिष्कार की सूचना पर सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा मौके पर पहुंचे और अपनी निधि ने सड़क बनवाने की मांग की लेकिन ग्रामीण बात मानने को तैयार नहीं हुए।वहीं ग्रामीण क्षेत्र की बदहाली के लिए खरी खोटी सुनाते रहे। इसके बाद वह वापस लौट जाए। वहीं अटरिया ग्राम पंचायत में सुबह सात बजे मतदान न करने की ग्रामीणों ने बात कही, लेकिन कुछ ही देर बाद मतदान होने लगा।
कालपी विधानसभा के जगतपुरा में नहीं पड़़े वोट
सिरसाकलार। कालपी विधानसभा के 700 मतदाताओं के गांव जगतपुरा में सुबह से शुरू हुए मतदान में कोई भी मतदाता मतदान करने नहीं पहुंचा। ग्रामीणों को न आता देख अधिकारी ने जब लोगों से संवाद किया तो उन्होंने बताया कि हदरुख मार्ग पूरी तरह से खराब हो चुका है, लेकिन फिर भी कोई नहीं सुन रहा है। इसलिए कहा कि रोड नहीं तो वोट नहीं। अधिरकारियों के समझाने के बाद भी ग्रामीण नहीं माने।
परासन के अल्मोड़ी डेरा में नहीं पड़े वोट
आटा। परासन के मजरा अल्मोड़ी डेरा में रोड नहीं तो वोट नहीं की बात कहते हुए ग्रामीणों मतदान का बहिष्कार कर दिया। जानकारी पर एसडीएम हेमंत पटेल व सीओ देवेंद्र पचौरी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर वोट डालने का आग्रह किया। लेकिन लोग नहीं माने।