फोटो- 21 जिला परिषद चौराहे से चुर्खी रोड बाईपास तक पसरा अंधेरा।संवाद
- लाइटें न जलने से जिला परिषद चौराहे से चुर्खी बाईपास तक आए दिन होते छिटपुट हादसे
- जिम्मेदार बोले-जांच करवाकर ठीक कराई जाएंगी लाइटें
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। शहर में सुंदरीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन हकीकत में हालात बदहाल हैं। जिला परिषद चौराहे से चुर्खी रोड बाईपास तक करीब दो वर्ष पहले सड़क निर्माण और दोनों ओर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं। शुरुआत में कुछ दिन तक लाइटें जलीं, लेकिन चंद माह बाद ही खराब होकर बंद हो गईं। इसके बाद डेढ़ साल से विभागीय अधिकारी ध्यान ही नहीं दे रहे हैं।
इस मार्ग की अहमियत इसलिए भी अधिक है क्योंकि इसी पर जिलाधिकारी कार्यालय का मुख्य गेट, पीडब्ल्यूडी कार्यालय, पुलिस लाइन और निरीक्षण भवन जैसे प्रमुख दफ्तर स्थित हैं। यहां रोजाना मंत्री, सांसद और विधायक जैसे जनप्रतिनिधि भी आते-जाते रहते हैं, फिर भी अंधेरा कायम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला परिषद चौराहे से चुर्खी बाईपास तक अधिकांश लाइटें खराब हैं।
जो कुछ जल भी रही हैं, उनकी रोशनी बहुत कम है। अंधेरे के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जनता को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा। लोगों का आरोप है कि नगर विकास प्राधिकरण और संबंधित विभाग केवल सौंदर्यीकरण का दिखावा करते हैं। लाइटों की मरम्मत और बदलाव पर किसी का ध्यान नहीं है।
शहरवासियों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारी तत्काल बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराएं, ताकि इस महत्वपूर्ण वीआईपी मार्ग पर अंधेरे से मुक्ति मिल सके। ओडीए सचिव परमानंद यादव ने बताया कि इस बात की जानकारी हुई है, जांच करवाकर इनको ठीक करवाया जाएगा।