उरई। जिला महिला अस्पताल के निरीक्षण में 10 कर्मचारी गैरहाजिर मिले। सिटी मजिस्ट्रेट ने सभी से स्पष्टीकरण तलब किया है।
बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट कुंवर वीरेंद्र मौर्य ने जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। महिला मरीजों से जानकारी ली। कुछ महिलाओं ने बाहर की दवाएं लिखने की शिकायत भी की। उन्होंने फार्मासिस्ट आरडी गौतम से अस्पताल में मौजूद दवाओं की सूची मांगी। फार्मासिस्ट ने बताया कि 265 दवाओं में 240 दवाएं मौजूद हैं। उन्होंने नजदीकी एक्सपायरी वाली दवाओं को अलग रखने के निर्देश दिए।
सीएमएस डॉ. ए. के. त्रिपाठी ने बताया कि महिला अस्पताल को दवा सप्लाई के लिए एक करोड़ का बजट दिया गया था लेकिन ड्रग सप्लाई कारपोरेशन से समय से दवा नहीं मिली। केवल 16 लाख की दवाएं ही दी गई।
स्टाफ के बारे में सीएमएस ने बताया कि महिला अस्पताल में इमरजेंसी मेडिकल आफिसर (ईएमओ), बेहोशी वाले डाक्टर, रेडियोलॉजिस्ट जैसे चिकित्सक न होने के कारण परेशानी हो रही है। उन्होंने सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) वार्ड का निरीक्षण किया। लेबर रूम, ओटी रूम का भी निरीक्षण किया। सीढ़ियों पर टूटी जाली देखकर उसे तत्काल बदलवाने के निर्देश दिए। इस दौरान गौरब दुबे, सुशील मौर्या, ऊषा यादव आदि मौजूद रहे।
ड्यूटी रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं करते कर्मचारी
उरई। सिटी मजिस्ट्रेट के निरीक्षण के दौरान पता चला कि कुछ स्टाफ मौके पर मौजूद था लेकिन उन्होंने उपस्थिति पंजिका में अपने हस्ताक्षर नहीं किए थे। इसे लेकर सीएमएस ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी स्टाफ को हिदायत दी कि ड्यूटी पर आते ही सबसे पहले उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करें। भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सीएमएस ने कहा कि वह इसे लेकर एक लिखित आदेश भी जारी कर रहे हैं।