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धनुताल पर घटिया निर्माण का आरोप

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कोंच। नगर पालिका की ओर से ऐतिहासिक धनुताल पर हो रहे निर्माण कार्य को रुकवाने के लिए शनिवार को कुछ सभासद मौके पर पहुंच गए और काम कर रहे मजदूरों पर काम बंद करने का दबाव बनाया। सभासदों का आरोप है कि निर्माण कार्य गुणवत्ताविहीन है, इसमें सरकारी धन की बर्बादी है। पालिका द्वारा वहां रिटर्निंग वॉल एवं अन्य निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं जिन पर 14वें वित्त का 70 लाख रुपये खर्च होना है।
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पालिका की महिला सभासद के प्रतिनिधि और सपा नगर अध्यक्ष छोटू टाइगर, सभासद विशाल गिरवासिया, अरविंद खटिक, नसीम निहारिया, सभासद प्रतिनिधि सुशील रजक आदि शनिवार को धनुताल पहुंचे। काम को गुणवत्ताविहीन बताकर काम बंद करने का दबाव बनाने लगे। जब मजदूरों ने काम बंद नहीं किया तो एसडीएम अशोक कुमार को फोन कर अवगत कराया कि जो निर्माण कार्य हो रहा है वह मानकों के अनुरूप नहीं है। इस पर एसडीएम ने कहा कि वह अवर अभियंता को मौके पर भेज रहे हैं। सभासदों का आरोप है कि पालिकाध्यक्षा के पति स्वयं ठेकेदारी कर रहे हैं। मौके पर जेई को होना चाहिए पर उनकी स्थान पर पालिकाध्यक्षा के पति स्वयं मौके पर रहकर काम करा रहे हैं। धनु तालाब में देवी विसर्जन, गणेश विसर्जन, जल विहार के अलावा अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी होते हैं। पास के मैदान में दशहरा मेला भरता है जिसमें हजारों की भीड़ होती है। यदि कोई दुर्घटना होती है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा। उन्होंने एसडीएम से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
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शासन को भी भेजी जा चुकी शिकायत
कोंच। 5 मई को पालिका सभासद विशाल गिरवासिया, अरविंद खटिक, रुबीना बानो, सितारा बेगम, अर्चना रजक, वंदना यादव आदि ने नगर विकास मंत्री और विभागीय प्रमुख सचिव से भी इसकी शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि इसका ठेका जियालाल ठेकेदार के नाम स्वीकृत हुआ था और जो कार्य कराया जा रहा है उसमें गुणवत्ता और मानकों की पूरी तरह अनदेखी करते हुए सरकारी धन की बर्बादी की जा रही है।
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एडीएम को अवगत कराया जा चुका है
कोंच। इस पूरे प्रकरण में एसडीएम अशोक कुमार का कहना है कि सभासदों की शिकायत पर कमिश्नर के यहां से जो जांच आई थी उस पर उन्होंने अपनी जांच कर कमेटी गठित करने के लिए एडीएम को भेज दी थी। उच्चाधिकारियों की ओर से काम रोके जाने संबंधी कोई आदेश उन्हें नहीं दिए गए थे।
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