आटा। परिषदीय स्कूलों में कायाकल्प योजना का असर नहीं दिख रहा है। कहीं दीवारें चटकी तो कहीं झाड़ियां व बारिश के इन दिनों में जलभराव दिखाई दे रहा है। कदौरा ब्लाक में 169 परिषदीय स्कूल हैं, जिनमें योजना के तहत काम होना था। यह कार्य 31 मार्च 2021 में पूरा होना था। हकीकत यह है कि 14 तो दूर कहीं कहीं तो चार बिंदुओं पर भी काया कल्प नहीं हो सका है। कहीं स्कूलों की दीवारों पर दरारें हैं तो कहीं टाइल्स तक उखड़े हैं। फिलहाल तो परिषदीय स्कूल बंद हैं लेकिन जब खुलेंगे तो मुसीबतें बच्चों और शिक्षकों के सामने खड़ी नजर आएगी।
बताते चलें कि ग्राम तगारेपुर में बना प्राथमिक विद्यालय में भवन जर्जर है। दिव्यांग शौचालय नहीं बना है। मौजूद अध्यापक ने बताया कि भवन में बैठने से डर लगता है। बारिश हो रही है तो छत भी टपक रही है। कायाकल्प में अभी तक कुछ भी काम नहीं हुआ है। इसी तरह जूनियर हाई स्कूल अकोढ़ी में अध्यापक ने बताया हैंडपंप खराब है, इससे पेयजल संकट है। रास्ता भी कच्चा पड़ा है दिव्यांगों का शौचालय नहीं बना है। सफाईकर्मी भी नदारद हैं। आटा कन्या प्राथमिक विद्यालय में भी बेसिन टूटा पड़ा है। प्राथमिक विद्यालय भभुआ की प्रधानाचार्य अजहर परवीन ने बताया आफिस तक दुरुस्त नहीं है। छत से पानी टपकता है। साफ सफाई तो स्वयं ही करानी पड़ती है।
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कुछ स्कूलों में काम हो चुका है और कुछ में चल रहा है। शासन से पैसा आते ही काम में और तेजी लाई जाएगी। जहां बिल्डिंग जर्जर हैं, उसे जर्जर घोषित कर दिया गया है। बहुत जल्द मरम्मत के लिए पैसा भी मिल जाएगा तो काम शुरू करा दिया जाएगा।
अंकित सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी