आटा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम आटा में अपात्रों को शौचालय स्वीकृत कर दिए गए। गांव में कई ऐसे लोग हैं जो पात्र होते हुए भी शौचालय नहीं दिया गया। उनके परिवार खुले में शौच जाते हैं। अपात्रों को शौचालय आवंटन मामले में जब खुलासा हुआ तो कुछ लोगों के स्वीकृत शौचालय निरस्त कर दिए गए। कई लोगों को किश्त जारी कर दी गई थी, उनसे रिकवरी की जाएगी।
सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक स्वच्छ भारत मिशन भी है। मिशन के तहत पात्रों को शौचालय का लाभ मिले। इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। आरोप है कि प्रधान ने कुछ महीने पहले अपने करीबी लोगों को पांच शौचालय आवंटित कर दिए थे। इनमें से एक का भी निर्माण नहीं किया गया है। आज तक शौचालय के गड्ढे भी नहीं खोदे गए हैं। जबकि धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया। पात्र लोग शौचालय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। इस मामले में एडीओ पंचायत राम शंकर ने बताया मामला संज्ञान में है। जिन लोगों ने शौचालय नहीं बनवाए हैं या गड्ढे नहीं खुदवाए हैं उनसे रिकवरी की जाएगी। कुछ लोगों के शौचालय निरस्त भी कर दिए गए हैं।