फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुवाई के लिए किसानों को झमाझम बारिश का इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन
आटा। खरीफ की फसल की बुवाई में अब कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन झमाझम बारिश न होने से किसानों के चेहरे मुरझाए हैं। उन्हें बुवाई की चिंता सताने लगी है। खेतों की जुताई के लिए तैयार किसान झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन

आटा क्षेत्र में 13 सौ हेक्टेयर जमीन है। इसमें 500 हेक्टेयर में खरीफ की फसल बुवाई की जाती है। कृषि विभाग द्वारा बुवाई की पूरी तैयारी हो चुकी है और तो और किसानों को अनुदान में मिलने वाले बीज का भी वितरण शुरू हो गया है। किसानों ने बीजों का संशोधन खेतों में जुताई भी कर ली है। बस, अब झमाझम बारिश का इंतजार है। खरीफ की फसल की बुवाई 15 जून से शुरू होकर 15 जुलाई तक होती है। किसानों का कहना है कि आसमान पर बादल तो आते हैं, लेकिन बूंदाबांदी करके ही निकल जाते हैं। इससे खरीफ की बुवाई के लिए अनुकूल माहौल नहीं बन पा रहा है। बुवाई के समय में 22 दिन का समय निकल गया है, लेकिन झमाझम बारिश नहीं हुई है। उस पर तेज धूप अलग निकल रही है। कृषि के जानकारों ने बताया 20 जून से 7 जुलाई तक मूंगफली, सोयाबीन, धान, अरहर की फसल की बुआई होती है। इसके बाद बुवाई करने से उत्पादन प्रभावित होता है।
फोटो- 11 अजय पांडे
घाटे का सौदा न साबित हो जाए
किसान अजय पांडेय ने बताया समय पर बारिश होने से फसल की पैदावार अच्छी होती है। ऐसा लगा रहा है कि कहीं इस मर्तबा सारी तैयारी धरी की धरी न रह जाए क्योंकि समय बीतने के बाद बुवाई करना घाटे का सौदा साबित होगा।
विज्ञापन

फोटो-12 पीयूष
दो चार दिनों पर ही टिकी उम्मीदें
आटा के किसान पीयूष पांडेय ने बताया अभी भी दो चार दिन में अगर बरसात होती है तो खरीफ की फसल की बुवाई समय से हो जाएगी। लिहाजा अब तो सारी उम्मीदें इन्हीं बचे हुए दो चार दिनों पर ही टिकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें