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10 घंटे नहीं आई बिजली, भीषण गर्मी में बिलबिलाए लोग

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आटा। आटा कस्बा और इस फीडर से जुड़े गांवों में शनिवार को 10 घंटे तक बिजली नहीं आई। सप्लाई सुबह पांच बजे चली गई थी। उसके बाद दोपहर में लगभग तीन बजे ही बिजली आई। बिजली विभाग ने फाल्ट को सुधारने और बिजली आपूर्ति बहाल करने में पूरे 10 घंटे का समय लिया। भीषण गर्मी में 10 घंटे बिजली जाने से लोग बिलबिला गए। इसके अलावा हर रोज ग्रामीण क्षेत्र में फाल्ट के चलते विद्युत आपूर्ति चरमराई हुई है।
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आटा फीडर से जुड़े गांवों में विद्युत लाइनों की हालत बहुत खराब है। जरा सा लोड बढ़ते ही लाइन में फाल्ट हो जाते हैं। इसके बाद फाल्ट सुधारने में घंटों का समय लगता है। खराब आपूर्ति के चलते लोगों में आक्रोश है। सत्यम पांडे, कपिल, संजू, छोटू आदि लोगों ने मांग की हे जर्जर लाइनें जब तक नहीं बदली जाएंगी तब तक बिजली आपूर्ति का यही हाल रहेगा।
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अधिकारी मोबाइल नहीं उठाते
बिजली व्यवस्था ध्वस्त होने के अलावा विभागीय अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। फोन न उठाने से आमजन फाल्ट की जानकारी भी नहीं दे पाते। बिजली विभाग के अफसरों की मनमानी से भी लोग परेशान हैं। आटा निवासी कई लोगों ने बताया कि फाल्ट होने पर उन्होंने जेई जगदीश शर्मा, एसडीओ शैलेंद्र कुमार को कई फोन लगाया लेकिन फोन नहीं उठाया। जबकि इस मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री भानुप्रताप सिंह वर्मा और जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन भी चेतावनी दी चुकी हैं।
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चरमराई सरावन की बिजली व्यवस्था
सरावन। जर्जर बिजली केबिल के चलते सरावन कस्बे की बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है। 33 केवी पावर हाउस सरावन के टाउन फीडर से जुड़ा कस्बा बिजली बिभाग के नाकारेपन का शिकार है। वर्ष 2019 में ठेकेदारों ने पूरे कस्बे में केबिल बिछाई थी। जिम्मेदारों ने केबिल की उस समय गुणवत्ता नहीं जांची। घटिया क्वालिटी की केबिल की वजह से सरावन की बिजली व्यवस्था बुरी तरह से ध्वस्त हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ऊर्जा मंत्री के आदेश के बाद भी कस्बा की विद्युत व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आया है। यहां तैनात कर्मचारी फोन तक नहीं उठाते हैं। इस संबंध में जेई संजय कुमार ने बताया कि केबिल को जल्द बदला जाएगा।
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