फतेहपुर। गोशाला की जमीन पर गोवंशों के लिए चारा बुआई न करके धान, गेहूं की फसल उगाकर अपने कमाई का जरिया बनाना प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी को महंगा पड़ गया। ग्राम विकास अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया, वहीं प्रधान को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। इसमें लेखपाल की लापरवाही भी सामने आई है। उन्हें भी नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। दोनों ने संतोषपूर्ण जवाब नहीं दिया, तो कड़ी कार्रवाई तय है।
विकास खंड भिटौरा के गांव रारा चांदपुर में रारा गोशाला में गोवंशों का संरक्षण होता है। गोवंश के भूसे और अन्य संसाधनों के लिए लगभग 20 बीघे जमीन बुआई के लिए आरक्षित की गई है। जिला पंचायत कार्यालय में शिकायत मिली कि गोवंश की जमीन पर ग्राम प्रधान रामरेखा देवी और ग्राम पंचायत अधिकारी रणधीर सिंह मिलीभगत करके गेहूं और धान की फसल उगाकर कमाई करते हैं। इस पर जिला राज पंचायत अधिकारी उपेंद्र राज सिंह ने 12 अप्रैल 2023 को मौके पर जाकर जांच की। गोशाला में केयर टेकर चौकीदार राम सहाय और ग्रामीण ओम प्रकाश लोधी मिले।
गोशाला की लगभग 20 बीघे हरे चारे की बुआई की जमीन पर लगभग 12 बीघे जमीन पर गेहूं की पकी फसल और पांच बीघे में चरी मिली। शेष भूमि पर कोई बुआई नहीं की गई थी। ग्रामीण ओम प्ररकाश और केयर टेकर राम सहाय ने बताया कि जमीन पर ग्राम प्रधान ने गेहूं की बुआई कराई है और इससे पहले भी धान की फसल की कटाई की जा चुकी है।
डीपीआरओ उपेंद्र राज ने इस मामले में ग्राम विकास अधिकारी की भी संलिप्तता पाई। उन पर उदासीनता, लापरवाही और दायित्वों का निर्वहन सही तरीके से करना नहीं पाया गया। डीपीआरओ ने 17 अप्रैल 2023 को अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी। डीएम श्रुति के आदेश पर तत्काल प्रभाव से ग्राम विकास अधिकारी रणधीर सिंह को निलंबित कर दिया गया। वहीं ग्राम प्रधान रामरेखा देवी को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। इस मामले में संबंधित लेखपाल को भी नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है।
गोवंशों के लिए भूसा और चारा की कमी दिखाई गई। गोशाला के फंड से भूसा खरीदा गया। मामला प्रकाश में आया तो गोशाला के धन की अनियमितता सामने आई। प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी से पूछा गया है कि जमीन होने के बावजूद चारा क्यों नहीं बोया गया। धान और गेहूं की फसल उगाई गई, तो उसकी जानकारी भी प्रशासन को देनी चाहिए और उसका उपयोग गोवंशों के लिए किया जाना चाहिए। इस मामले पर दोनों फंस गए।