कदौरा। मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार चरम पर है। इसकी बानगी विकास खंड कदौरा के ग्राम जकसिया में देखने को मिल रही है। फर्जीवाड़ा करने वालों ने परलोक सिधारी दुलारी को तो मनरेगा में काम दिलवाया ही, साथ में दो बेटों और बहू को भी 28-28 दिन का रोजगार दिलवा दिया। एक महीने के अंदर ही 100 दिन का रोजगार दिलवाकर उसे प्रशस्ति पत्र भी थमा दिया। इस मामले में बेटे का कहना है कि घर में किसी ने भी मनरेगा में काम नहीं किया है।
अमर उजाला ने शनिवार को फर्जीवाड़ा: परलोक सिधारी दुलारी को मिला मनरेगा काम शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद से जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया। जिम्मेदारों ने उसके पुत्रों सुरेश को 28 दिन काम दिखाकर 5712 रुपये, सत्य सिंह को 16 दिन काम दिखाकर 3264 रुपये और बहू मेनिका का 28 दिन काम दिखाकर 5712 रुपये का भुगतान किया गया। यह भुगतान जॉब कार्ड नंबर में दर्ज हैं पर बैंक खाता किसी दूसरे का है। 18 जनवरी और 6 फरवरी को मजदूरी की धनराशि किसी अन्य खाते में डाल कर निकाल ली। पुत्र सत्य सिंह ने बताया कि हम लोगों में से किसी ने मनरेगा में काम नहीं किया है। उनके जॉबकार्ड को जिम्मेदारों ने लगाकर उन लोगो के नाम पर किसी अन्य खाते में मजदूरी की धनराशि निकाली गई है। उन्होंने फर्जीवाड़े में शामिल लोगों पर कार्रवाई के साथ साथ उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
बताते चलें कि इसी मामले में एक माह में ही 100 दिन का रोजगार पूरा कराकर जिम्मेदारों ने मृतका दुलारी और उसके दो पुत्र एवं बहू को एक मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर बीडीओ बृजकिशोर कुशवाहा ने प्रशस्ति पत्र भी दिया।
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वर्जन
मामला गंभीर है। इसकी पड़ताल के लिए जांच कमेटी गठित की जाएगी। यदि इसमें अनियमितता पायी जाती है तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अभय कुमार श्रीवास्तव, सीडीओ जालौन।
फ़ोटो संख्या-18 ग्रामीणों द्वारा वायरल की गई । संवाद
फोटो-बाइक सवार अपने आपको ब्लॉक का अधिकारी बता कर परिजनों पर रौब जमा कर प्रशस्ति पत्र मांग रहे थे। संवाद
अधिकारी बनकर परिवार को धमकाया, मांगा प्रशस्ति पत्र
कदौरा। विकास खंड कदौरा के ग्राम जकसिया में मनरेगा के तहत कराए गए कार्य में मृतका के नाम पर भुगतान होने की खबर प्रकाशित होने के बाद शनिवार को बाइक पर सवार दो लोग पहुंचे। दोनों ने परलोक सिधारी दुलारी के परिजनों को ब्लाक का अधिकारी बताकर धमकाया। इन लोगों ने परिवार को दिए गए प्रशस्ति पत्र और अन्य कागजात की मांग करने लगे। शक होने पर ग्रामीण जमा होने लगे। ग्रामीणों की बढ़ती भीड़ देख कर अपने आपको अधिकारी बताने वाले पंचायत मित्र बाइक से भाग निकले। तब कुछ युवकों ने बाइक से पीछा करते हुए फोटो खींच कर वायरल कर दी। पति सुघर सिंह ने बताया कि दोनों बाइकसवार ब्लाक का अधिकारी बता रहे थे। (संवाद)